PMC बैंक की जांच रिपोर्ट माह के आखिर तक, महाराष्ट्र सरकार ने दिया विलय का प्रस्ताव
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, पीएमसी बैंक घोटाले की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट इस माह के आखिर तक पूरी होने की उम्मीद है। दास ने यह भी कहा, इस सहकारी बैंक द्वारा हासिल की गई परिसंपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसकी बिक्री से अनुमानित राशि का आकलन किया जा रहा है। आरबीआई ने सहकारी बैंक के क्षेत्र में बेहतरी के लिए नियमों में बदलाव के भी सुझाव दिए हैं।
राज्य सरकार ने दिया विलय का प्रस्ताव
महाराष्ट्र सरकार ने घोटाले की मार झेल रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र (पीएमसी) बैंक का महाराष्ट्र स्टेट सहकारी (एमएससी) बैंक में विलय करने का प्रस्ताव दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री जयंत पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि इसका मकसद पीएमसी बैंक के परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने का है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से बात की जाएगी।
पाटिल ने पत्रकारों को बताया कि बुधवार को उनकी एमएससी बैंक के प्रबंधक से बात हुई थी। हमने उन्हें सलाह दी कि उन्हें पीएमसी बैंक के अपने बैंक में विलय के लिए कोशिश करनी चाहिए ताकि गरीब जमाकर्ता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि हम लोगों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि सरकार उनके साथ है। दोनों बैंकों के विलय से छोटे जमाकर्ताओं को जरूर फायदा होगा। पाटिल ने आगे कहा कि एमएससी बैंक की स्थिति ठीक है और विलय से कोई समस्या नहीं होगी।
मालूम हो कि कथित 4,355 करोड़ रुपये के घोटाले के उजागर होने के बाद आरबीआई ने पीएमसी बैंक पर रोक लगा दी थी। इस कथित घोटाले के बाद लोग घबराकर पैसे निकालने लगे थे, जिसके बाद बैंक ने प्रति ग्राहक पैसे निकालने की सीमा एक हजार रुपये कर दी थी। हालांकि, बाद में इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। इस बैंक में पैसा जमा करने वाले आठ ग्राहकों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं इस मामले पर महाराष्ट्र एनसीपी प्रमुख ने कहा कि इस प्रक्रिया को पूरा होने में डेढ़ महीने से ज्यादा का समय लग सकता है।