PMC घोटालाः पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह गिरफ्तार, पूर्व एमडी जॉय थॉमस के बैंक खाते सीज
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पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले में मुंबई पुलिस ने शनिवार को पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। मुंबई के ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि सिंह को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के दफ्तर ले जाया गया। दफ्तर में जरूरी कार्रवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई।
उधर, ईडी ने एचडीआईएल के प्रमोटरों का प्राइवेट जेट और कारों को जब्त कर लिया। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को मुंबई में हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (एचडीआईएल) और पीएमसी बैंक से जुड़े छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को दिवालिया हो चुकी एचडीआईएल ग्रुप के डायरेक्टर राकेश वाधवान और उनके बेटे सारंग को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले पीएमसी बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस के सभी बैंक खातों को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने फ्रीज कर दिया। कोर्ट ने उनको 17 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में रहने का आदेश दिया है। चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के सभी प्रमुख आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
आरबीआई द्वारा नियुक्त प्रशासक की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने पिछले हफ्ते बैंक अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था।
PMC bank matter: The Economic Offences Wing (EOW) freezes accounts of Joy Thomas, the suspended Managing Director of the Punjab & Maharashtra Cooperative Bank. https://t.co/CAiGEkbf55
— ANI (@ANI) October 5, 2019
बैंक को हुआ 4355.46 का नुकसान
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने कहा, बैंक को 2008 से अब तक करीब 4355.46 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस ने एफआईआर में पूर्व चेयरमैन वारयम सिंह, प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस और अन्य वरिष्ठ अधिकरियों समेत एडीआईएल के प्रबंध निदेशक राकेश वधावन के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इसमें कहा गया कि एडीआईएल के प्रमोटर्स ने कथित तौर पर बैंक प्रबंधन के साथ साठगांठ कर बैंक की भांडुप शाखा से कर्ज लिया। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने कर्ज अदायगी के अलावा इस कर्ज को एनपीए के रूप में भी दर्ज नहीं किया और जानबूझकर इसकी जानकारी आरबीआई से भी छिपाई। इसके अलावा उन कंपनियों के फर्जी खाते भी बनाये गए जिन्होंने छोटी रकम उधार ली। नियामक निगरानी से बचने के लिए बैंक की फर्जी रिपोर्ट भी तैयार की गई। सूत्रों के मुताबिक ईडी अब आरोपियों की कथित दागी संपत्ति के साक्ष्य तलाश रही है ताकि उन्हें धनशोधन रोधी कानून के तहत संलग्न किया जा सके।
बैंक में मौजूद 49 एफडी खातों को बंद करके 16 करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिया गया। इससे बैंक की गिरती वित्तीय हालत को और झटका लगा।
आरबीआई कर रहा है जांच
जिन 49 एफडी खातों से पैसा निकाला गया है, अब उनकी जांच आरबीआई कर रहा है। इतना पैसा निकलने के बाद ही केंद्रीय बैंक ने पीएमसी पर रोक लगाई है। सितंबर के तीसरे सप्ताह में व्हिसलब्लोअर की शिकायत करने के ठीक कुछ दिन पहले ही पीएमसी बैंक के कई खातों से पैसे निकाले गए, जिसके बाद 23 सितंबर को आरबीआई ने छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया।
सूत्रों के अनुसार, रिजर्व बैंक ने अपनी शुरुआती जांच में पाया है कि कुछ निश्चित खातों से थोड़े ही समय में बड़ी धनराशि निकाली गई है। इसी कारण बैंक पर प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया है। आरबीआई का यह कदम इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि बैंक के दो तिहाई खाते छोटे जमाकर्ताओं के हैं।
सूत्रों का कहना है कि पिछले महीने बैंक के बोर्ड सदस्यों में से ही किसी ने वित्तीय अनियमितता के मामले को आरबीआई के सामने उजागर कर दिया था। व्हिसलब्लोअर ने अपनी शिकायत में कहा था कि बैंक ने एनपीए हो चुके कई खातों की गलत जानकारी उपलब्ध कराई है।