मार्च 2020 तक पूरा हो सकता है इलाहाबाद बैंक के साथ इंडियन बैंक का विलय
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सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक को उम्मीद है कि इलाहाबाद बैंक के साथ उसका विलय चालू वित्त वर्ष के अंत तक यानी 31 मार्च, 2020 तक पूरा हो जाएगा। इंडियन बैंक की प्रबंध निदेशक पद्मजा चुंदरू ने यह जानकारी दी।
सरकार ने की थी घोषणा
सरकार ने पिछले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के दस बैंकों के एकीकरण के जरिये चार बैंक बनाने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के तहत इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक के साथ विलय होना है।
इस संदर्भ में चुंदरू ने कहा कि, 'पहले हमें बोर्ड में जाना होगा। एक प्रक्रिया का पालन करना होगा। अगले कुछ माह के दौरान दोनों बैंकों के निदेशक मंडल प्रक्रिया को पूरा करेंगे। मुझे लगता है कि यह प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी हो जाएगी।' इंडियन बैंक को पिछले सप्ताह वित्त मंत्रालय से सूचित किया गया है कि वैकल्पिक व्यवस्था ने रिजर्व बैंक के साथ विचार विमर्श के बाद विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक के विलय से ऐसा बैंक अस्तित्व में आएगा जिसकी अखिल भारतीय स्तर पर उपस्थिति होगी। अभी इंडियन बैंक की दक्षिण भारत में मजबूत उपस्थिति है जबकि इलाहाबाद बैंक की उपस्थिति उत्तरी और पूर्वी भारत में है।
विलय के बाद यह देश का सातवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनेगा। इनका 8.08 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होगा और इसकी शाखाओं की कुल संख्या 6,104 होगी।
ये होगी बैंक की प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि विलय के बाद हमारी प्रमुख प्राथमिकता कारोबार और मुनाफा वृद्धि के अलावा कर्मचारी प्रबंधन और कल्याण की होगी। उन्होंने शाखाओं को बंद करने और कर्मचारियों की छंटनी से इनकार किया।