एलआईसी: बाजार के खराब माहौल से घटा मूल्यांकन, सरकार 12 मई से पहले ला सकती है आईपीओ, मार्च में लाने की थी योजना
सूत्रों का कहना है कि सरकार आईपीओ के जरिये एलआईसी में पांच फीसदी की जगह अब सात फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। उसकी योजना इस साल मार्च तक आईपीओ लाने की थी, लेकिन रूस-यूक्रेन के संकट की वजह से बाजार का माहौल खराब होने के कारण इसे टाल दिया गया।
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रूस-यूक्रेन संकट की वजह से शेयर बाजार के खराब माहौल का असर देश के सबसे बड़े आईपीओ पर दिखने लगा है। सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आईपीओ 12 मई से पहले ला सकती है। इसमें अब वह 7 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इसके एवज में 50,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। पहले 5% हिस्सेदारी पर 63,000 करोड़ मिलने की उम्मीद थी।
सूत्रों का कहना है कि सरकार आईपीओ के जरिये एलआईसी में पांच फीसदी की जगह अब सात फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। उसकी योजना इस साल मार्च तक आईपीओ लाने की थी, लेकिन रूस-यूक्रेन के संकट की वजह से बाजार का माहौल खराब होने के कारण इसे टाल दिया गया। अब इसे 12 मई के पहले लाना होगा क्योंकि पुराने मसौदे के तहत इसकी अंतिम तारीख 12 मई है। अगर इस अवधि के बाद सरकार एलआईसी का आईपीओ लाती है तो उसे फिर नए सिरे से मसौदा जमा कराना होगा।
पहले : 05 फीसदी पर 63 हजार करोड़ जुटाने वाली थी कंपनी
अब : 07 फीसदी पर मिल सकता है 50 हजार करोड़ रुपये
1600 से 1800 रुपये हो सकता है भाव
एलआईसी के आईपीओ का भाव 1,500 से 1,700 रुपये के बीच हो सकता है। कंपनी 31.5 करोड़ शेयर जारी करने वाली है।
- अगर इस आधार पर 50 हजार करोड़ जुटाया जाता है तो प्रति शेयर का भाव 1,587 रुपये होगा।
- इससे पहले के मूल्यांकन पर प्रति शेयर यह भाव 1,900 से 2,000 रुपये तक जा रहा था।
- बाजार के मौजूदा माहौल को देखते हुए सरकार कुछ कम कीमत पर भी इसे ला सकती है।
सार्वजनिक निर्गम में यूपीआई से पांच लाख तक निवेश
- एलआईसी का आईपीओ आने से पहले भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को कहा कि इक्विटी शेयरों और परिवर्तनीय पत्रों के सार्वजनिक निर्गम में आवेदन करने वाले व्यक्तिगत निवेशक पांच लाख रुपये तक की राशि का भुगतान यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से कर सकते हैं।
- नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने तमाम इंटरमीडियरीज के साथ बातचीत कर यूपीआई सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- दिसंबर, 2021 में एनपीसीआई ने यूपीआई के जरिये आईपीओ में निवेश सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने को मंजूरी दी थी। इससे पहले 9 मार्च को सेबी ने ऋण संसाधनों में भी यही सुविधा दी थी। नियम एक मई से लागू होगा।