आठ नवंबर के बाद आपने खरीदी है गाड़ी तो मिल सकता है आयकर नोटिस
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नोटबंदी के बाद कालाधन रखने वालों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने आठ नवंबर के बाद से खरीदी गईं गाड़ियों का ब्यौरा जानने के लिए देशभर में कार डीलरों को नोटिस भेजा है। सूत्रों के अनुसार कार डीलरों ने आयकर विभाग के साथ जान कारियां भी साझा की हैं।
आयकर विभाग का मानना है कि आठ के बाद बड़े पैमाने पर लोगों ने अपना कालाधन खपाने के लिए लग्जरी गाड़ियां खरीदी हैं। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद कार कंपनियों में जबरदस्त उछाल देखा गया था।
साथ ही कई कंपनियों के दिसंबर के टारगेट समय से पूर्व ही पूरे हो गए थे। आयकर सूत्रों के अनुसार विभाग एक जनवरी के बाद लग्जरी गाड़ियां खरीदने वालों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
ग्रामीण इलाकों में कर्ज लेकर नहीं की जाती कार की खरीददारी
दिलचस्प बात है कि ग्रामीण इलाके में शहरी इलाके की तरह लोग कार की खरीदारी वित्तीय संस्था या बैंक से कर्ज लेकर नहीं करते हैं। कार डीलरों के मुताबिक उनसे नकदी में कार खरीदारी करने वालों की जानकारी मांगी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि देश में हर साल लगभग 25 लाख नई कार की बिक्री होती है। करदाताओं के हिसाब से देखें तो देश में सिर्फ 24.4 लाख ऐसे करदाता है जिनकी आय 10 लाख रुपये से अधिक है। 25 लाख कारों में 3500 नई कारें भी हैं। डीलरों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि नवंबर आखिर और दिसंबर के पहले-दूसरे सप्ताह में नकद राशि से कार खरीदने वालों की संख्या बढ़ गई।
कार कंपनियों ने भी इस बात को स्वीकारा है कि बिना कर्ज के होने वाली खरीदारी दिसंबर माह में अधिक रही। कार बिक्री की संख्या में बढ़ोतरी के उजागर होने बाद ही आयकर विभाग के कान खड़े हो गए हैं। तो आपने अगर आठ के बाद गाड़ी खरीदी है तो होशियार हो जाएं!