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बीमा: मनरेगा व आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं असंगठित क्षेत्र में दायरा तेजी से बढ़ा सकती हैं
Thu, 19 Aug 2021 07:34 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 19 Aug 2021 07:34 AM IST
सार
- एसबीआई ने इकोरैप रिपोर्ट में कहा कि बीमा नहीं होने से कामगारों की सामाजिक सुरक्षा पर असर पड़ रहा है
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जीवन बीमा पॉलिसी
- फोटो : pixabay
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विस्तार
देश में बीमा क्षेत्र का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके बावजूद असंगठित क्षेत्र में इसकी पहुंच ज्यादा नहीं है। एसबीआई ने इकोरैप रिपोर्ट में कहा कि बीमा नहीं होने से कामगारों की सामाजिक सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।
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एसबीआई के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सोम्य कांति घोष ने कहा कि मनरेगा व आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं असंगठित क्षेत्र में बीमा का दायरा तेजी से बढ़ा सकती हैं। मनरेगा ने अब तक आजीविका की सुरक्षा उपलब्ध कराई है। अब 100 दिनों तक काम करने पर सरकार सामाजिक सुरक्षा के लिए 10 दिनों का योगदान कर सकती है।
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कामगारों का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति व सुरक्षा बीमा में पंजीकरण किया जा सकता है। इसका प्रीमियम सरकार भरेगी। इससे सरकार पर महज 400-500 करोड़ का भार पड़ेगा और एक करोड़ लोगों को फायदा होगा।
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