फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   india post payment bank has not enough money to give salary

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की हालत खस्ता, वेतन देने के लिए भी नहीं है पैसा

Wed, 23 Oct 2019 04:49 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 23 Oct 2019 04:49 PM IST
विज्ञापन
india post payment bank has not enough money to give salary
India Post Payment Bank

लॉन्च होने के एक साल बाद ही इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की हालत खराब होने लगी है। कंपनी के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं बच रहे है। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक के पास उस तरह का कारोबार नहीं आ रहा है, जितने की उम्मीद की गई थी। अब डाक विभाग ने आरबीआई से इसको स्मॉल फाइनेंस बैंक में बदलने की अनुमति मांगी है। 

विज्ञापन

इस वजह से आ रही है दिक्कतें

डाक विभाग का कहना है कि पेमेंट बैंक में एक लाख रुपये से ज्यादा का जमा नहीं हो सकता है। इसके साथ ही बैंक किसी को भी कर्ज नहीं दे सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि इससे बैंक को उतनी कमाई नहीं हो रही है। अब बैंक को उम्मीद है कि आरबीआई अगले साल तक स्मॉल फाइनेंस बैंक में बदलने की मंजूरी दे सकता है। 

विज्ञापन

एक हजार करोड़ रुपये हुए खर्च

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पेमेंट बैंक को शुरू करने के लिए केवल तकनीक पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस खर्च में बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकें शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन और अन्य भत्तों पर 250 करोड़ रुपये का खर्च हुआ। अब इंडिया पोस्ट ने पेमेंट बैंक में नई भर्तियों पर भी रोक लगा दी है। विभाग को उम्मीद है कि सरकार इसमें अलग से पूंजी लगाएगी, ताकि कंपनी के खर्च चलते रहें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रघुराम राजन ने की थी शुरुआत

पेमेंट बैंक की शुरुआत रघुराम राजन ने की थी। यह उनका प्रयोग था, जिसमें कुछ ऐसे बैंक बनाए गए थे जो किसी को लोन नहीं देंगे। इसके अलावा खातों में केवल एक लाख रुपये तक ही जमा हो सकेंगे। इन बैंकों के जरिए मकसद था कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी लोगों को आसानी से बैंकिंग सेवाएं मिल सकें। शुरुआत में 11 कंपनियों को पेमेंट बैंक शुरू करने का लाइसेंस दिया गया था, जिसमें से पांच ने लाइसेंस को वापस कर दिया था। इंडिया पोस्ट के एक अधिकारी का तर्क है कि छोटे ट्रांजेक्शन होने से इसका किसी तरह का लाभ नहीं मिल रहा है। अभी भी लोग बड़े बिलों का भुगतान नहीं कर सकते हैं। ऐसे में यह मॉडल सही तरीके से काम नहीं कर पा रहा है। 



स्मॉल फाइनेंस बैंक में बदलने से बैंक किसी भी किसान, छोटे उद्योगों और अन्य असंगठित क्षेत्रों को भी लोन दे सकते हैं। आईपीबीबी 650 शाखाओं के साथ लॉन्च हुआ था। इसके साथ ही डाकघरों में 3250 एक्सेस प्वाइंट में बनाए गए थे। डाकघरों के अलावा डाकियों को भी बैंकिंग सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। 

इंडिया पोस्ट ने अमर उजाला की खबर का जवाब देते हुए लिखा है कि यह मामला संबंधित अधिकारी के पास भेज दिया गया है, जल्द ही आपसे संपर्क किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed