माइकल पात्रा बने आरबीआई के नए डिप्टी गवर्नर, तीन साल के लिए होगा कार्यकाल
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माइकल पात्रा को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। माइकल पात्रा का कार्यकाल तीन साल के लिए होगा। पात्रा अगले तीन साल तक रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के पद पर रहेंगे। बता दें कि डिप्टी गवर्नर के साथ ही माइकल पात्रा आरबीआई के कार्यकारी निदेशक व मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य भी हैं।
अगस्त से खाली पड़ा है पद
विरल आचार्य ने अगस्त 2019 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। तब से लेकर के अभी तक यह पद खाली पड़ा हुआ था। विरल आचार्य से पहले उर्जित पटेल इस पद पर रहे थे। बता दें कि व्यक्तिगत कारणों से आचार्य ने 23 जुलाई के बाद रिजर्व बैंक में सेवा देने में असमर्थता जताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।
आरबीआई के चौथे डिप्टी गवर्नर हैं पात्रा
मौजूदा समय में आरबीआई के तीन डिप्टी गवर्नर हैं - एनएस विश्वनाथन, बीपी कनुनगो और एमके जैन। माइकल पात्रा आरबीआई के चौथे डिप्टी गवर्नर हैं। वहीं शक्तिकांत दास आरबीआई के गवर्नर हैं।
गवर्नर के साथ बेहतर तालमेल
आरबीआई में 2017 से करियर शुरू करने वाले माइकल पात्रा की मौद्रिक नीति को लेकर सोच आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास से मेल खाती है। दास के दिसंबर 2018 में पद संभालने के बाद से रेपो रेट में लगातार तीन बार हुई कटौती में पात्रा ने हमेशा पक्ष में मतदान दिया है।
गवर्नर की तरह उनका भी मानना है कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए नरम मौद्रिक नीति के साथ राजकोषीय स्तर पर मदद मिलता बहुत जरूरी है। फिलहाल वे अपने काम की रिपोर्ट आचार्य को करते हैं।
पद की रेस में थे 10 लोग
विरल आचार्य के द्वारा इस्तीफे के बाद डिप्टी गवर्नर पद की रेस में 10 नाम रह गए थे। 10 लोगों का इंटरव्यू फाइनेंशियल सेक्टर रेग्यूलेटरी अप्वाइंटमेंट सर्च कमेटी (FSRASC) ने किया था। इन दस नामों में चेतन घाटे (प्रोफेसर, भारतीय सांख्यिकी संस्थान), अरुणिश चावला (संयुक्त सचिव, व्यय विभाग), मनोज गोविल (प्रमुख वित्त सचिव), छत्रपति शिवाजी (एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर एडीबी), संजीव सांयल (मुख्य आर्थिक सलाहाकार), टीवी सोमनाथन (अतिरिक्त मुख्य सचिव, तमिलनाडु), माइकल पात्रा (आरबीआई एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर) और प्राची मिश्रा (अर्थशास्त्री, गोल्डमैन सॉक्स) शामिल थे।