NPA से निजात पाने के लिए बैंक कर रहे हैं 40 हजार करोड़ की संपत्ति नीलाम
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देश के चुनिंदा सरकारी और निजी बैंकों ने त्योहारी सीजन में 40 हजार करोड़ रुपये के एनपीए की वसूली के लिए संपत्तियों को नीलाम करने जा रही है। यह संपत्तियां बिजली, सड़क और टेलीकॉम सेक्टर मेंहै। बैंक असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों से कह रहे हैं, कि वो ऐसी संपत्तियों को खरीद लें।
दिवालिया कोर्ट में चल रहा है मामला
बैंकों की तरफ से ऐसी कंपनियों से वसूली के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधिक प्राधिकरण में दिवालिया केस में मुकदमा चल रहा है। प्राधिकरण में कुल 1292 मुकदमें लंबित चल रहे हैं। ऐसे मुकदमों में प्राधिकरण किसी भी तरह का कोई फैसला नहीं ले सका है। अब बैंक चाहते हैं कि वसूली के लिए नीलामी की जाए, ताकि जल्द से जल्द बैंकों के पास पैसा आ सके।
यह बैंक बेच रहे हैं ऐसी संपत्तियां
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 11 निजी और सरकारी बैंक ऐसी एनपीए संपत्तियों को बेच रहे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा कुल 11 हजार करोड़ रुपये, आईडीबीआई बैंक 9756 करोड़ रुपये, आंध्रा बैंक 4887 करोड़ रुपये और एसबीआई 423 करोड़ रुपये की संपत्ति को नीलाम कर रहा है। अभी तक 30 असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियां 24 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को खरीद चुके हैं।
दिवालिया प्रक्रिया में देरी से बैंकों ने उठाया कदम
बैंक चाहते थे कि दिवालिया प्रक्रिया के तहत ही फैसला आने के बाद संपत्तियों को बेचकर के पैसा निकाला जाए, लेकिन देरी के चलते अब बैंकों ने खुद ही यह कदम उठाया है। अभी भी दिवालिया प्राधिकरण में जेपी इंफ्राटेक, ऐमटेक ऑटो और भूषण पावर एंड स्टील कंपनियों का मामला लंबित चल रहा है।
बैंकों में अभी कुल 9.3 लाख करोड़ का एनपीए है। इसमें से केवल दो लाख करोड़ का एनपीए ही असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों को नीलाम किया जा सकता है। बैंकों के इस कदम से उनको अपना एनपीए कम करने में तो मदद मिलेगी, साथ ही इसको काफी फंसा हुआ पैसा प्राप्त होगा। इससे बैंकों की बैलेंस शीट में भी सुधार देखने को मिलेगा।