चार दिनों तक बंद रहेंगे देश भर के ग्रामीण बैंक
- बंद रहने की वजह दो दिन तक कर्मचारियों की हड़ताल जबकि दो दिन का अवकाश है
- ग्रामीण बैकों के निजीकरण की सरकार की कोशिश का विरोध
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देश भर के ग्रामीण जनता को अगले चार दिनों के दौरान बैंकिंग सुविधा से वंचित रहना पड़ेगा क्योंकि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की समस्त शाखाएं इन दिनों बंद रहेंगी। बंद रहने की वजह दो दिन तक कर्मचारियों की हड़ताल जबकि दो दिन का अवकाश है।
ग्रामीण बैकों के निजीकरण की सरकार की कोशिश के विरोध में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक यूनियनों के यूनाइटेड फोरम -यूएफआरआरबीयू- के महासचिव शिवकरण द्विवेदी ने बताया कि उनकी दो दिवसीय हड़ताल के चलते देश भर के सभी 56 ग्रामीण बैंकों में बृहस्पतिवार और शुक्रवार यानी 10 व 11 मार्च 2016 को काम नहीं होगा।
इसके बाद महीने का दूसरा शनिवार है और रविवार है जो कि बैंक की छुट्टी का दिन होता है। वैसे भी वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होने की वजह से मार्च में बैंकों में कुछ ज्यादा ही काम रहता है।
गोवा छोड़कर देश में करीब 56 ग्रामीण बैंक हैं
देश भर के 29 राज्यों में -गोवा को छोड़ कर- 56 ग्रामीण बैंकों की 20 हजार से अधिक शाखाएं है और इनमें करीब 1 लाख अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं।
अभी इन बैंकों को राष्ट्रीयकृत बैंकों का रूतबा हासिल है। पिछले साल मोदी सरकार ने इन बैंकों में भी निजी पूंजी डालने का निर्णय लिया था, जिसके विरोध में कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं। द्विवेदी का कहना है कि इस महीने बैंक पर अपने सभी लक्ष्यों को पूरा करने के दबाव में होता है।
इसी महीने के कामकाज का असर बैंक के बैलेंस शीट पर भी दिखता है। लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती है।
बैंक के समक्ष इस महीने सबसे अधिक दबाव अपने फंसे कर्जे -एनपीए- को घटाने पर होता है, पर हड़ताल के चलते बैंक की एनपीए घटाने की मुहिम भी कमजोर साबित होगी जिसका सीधा असर बैंक के सालाना प्रदर्शन पर पड़ेगा।