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संसद में आर्थिक सर्वे पेश: मिलेंगे सस्ते घर, अप्रैल के बाद खत्म होगा नकदी संकट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 31 Jan 2017 04:04 PM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आर्थिक सर्वे 2017-18 पेश कर दिया है। सर्वे के मुताबिक, नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था पर काफी नकरात्मक असर पड़ा है।
जाने सर्वे की मुख्य बातेंः-
- WPI के मुताबिक अप्रैल-दिसंबर में महंगाई दर 2.9 फीसदी रही।
- सरकार लेकर आएगी डिजिटल रेडियो प्लेटफॉर्म जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिल सके।
- दालों की वजह से महंगाई दर में हुआ इजाफा।
- फिस्कल डेफिसिट में लगातार गिरावट जारी है।
- क्रूड कीमतों में उछाल जीडीपी के लिए बड़ा खतरा।
- नोटबंदी से कृषि क्षेत्र पर कैश की कमी का असर दिखेगा।
- वित्त वर्ष 2017-18 में क्रूड में गिरावट का फायदा मिलना बंद हो जाएगा। क्रूड के दाम में उछाल की वजह से रिजर्व बैंक से रेट कट की उम्मीद खत्म हो गई।
- उद्योगों की विकास दर घटने की आशंका। 2015-16 में यह थी 7.4 फीसदी और इस साल इसके 5.2 फीसदी रहने की आशंका
- सर्विस सेक्टर के 8.9 फीसदी से बढ़ने की उम्मीद इस वित्त वर्ष में।
- महंगाई दर सीपीआई के अनुसार 5 फीसदी रहने का अनुमान।
- प्रॉपर्टी टैक्स के लिए निगरानी रखने का सुझाव, ताकि नगर पालिका और नगर निगम स्तर पर राजस्व जुटाया जा सके।
-भारत का ट्रेड जीडीपी चीन से ज्यादा हुआ।
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जाने सर्वे की मुख्य बातेंः-
- WPI के मुताबिक अप्रैल-दिसंबर में महंगाई दर 2.9 फीसदी रही।
- सरकार लेकर आएगी डिजिटल रेडियो प्लेटफॉर्म जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिल सके।
- दालों की वजह से महंगाई दर में हुआ इजाफा।
- फिस्कल डेफिसिट में लगातार गिरावट जारी है।
- क्रूड कीमतों में उछाल जीडीपी के लिए बड़ा खतरा।
- नोटबंदी से कृषि क्षेत्र पर कैश की कमी का असर दिखेगा।
- वित्त वर्ष 2017-18 में क्रूड में गिरावट का फायदा मिलना बंद हो जाएगा। क्रूड के दाम में उछाल की वजह से रिजर्व बैंक से रेट कट की उम्मीद खत्म हो गई।
- उद्योगों की विकास दर घटने की आशंका। 2015-16 में यह थी 7.4 फीसदी और इस साल इसके 5.2 फीसदी रहने की आशंका
- सर्विस सेक्टर के 8.9 फीसदी से बढ़ने की उम्मीद इस वित्त वर्ष में।
- महंगाई दर सीपीआई के अनुसार 5 फीसदी रहने का अनुमान।
- प्रॉपर्टी टैक्स के लिए निगरानी रखने का सुझाव, ताकि नगर पालिका और नगर निगम स्तर पर राजस्व जुटाया जा सके।
-भारत का ट्रेड जीडीपी चीन से ज्यादा हुआ।
indian economy
- फोटो : Getty Images
- पीएम गरीब कल्याण योजना से अप्रत्याशित लाभ मिलने की आशा।
- जीएसटी से होने वाली आय पर सावधानी बरती गई।
- नोटबंदी से कुछ कृषि उत्पादों में कमी की आशंका।
- यूनिवर्सल बेसिक इनकम डाटा को गंभीरता से निरीक्षण करने की जरूरत।
- इस साल जीडीपी दर के 7.1 फीसदी रहने का अनुमान।
- नोटबंदी के बाद कैश का संकट अप्रैल तक खत्म हो जाएगा।
- विकास दर 6.75 फीसदी से 7.75 फीसदी रहने का अनुमान।
- रियल एस्टेट सेक्टर में दाम और गिरेंगे। रियल एस्टेट सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
- सबको सस्ते घर देने को बढ़ावा देगी सरकार।
- एक्साइज ड्यूटी में 0.1 फीसदी की कमी का अनुमान।
- कृषि क्षेत्र में 4.1 फीसदी विकास का अनुमान। इस वक्त यह 1.2 फीसदी है।
- जीएसटी से होने वाली आय पर सावधानी बरती गई।
- नोटबंदी से कुछ कृषि उत्पादों में कमी की आशंका।
- यूनिवर्सल बेसिक इनकम डाटा को गंभीरता से निरीक्षण करने की जरूरत।
- इस साल जीडीपी दर के 7.1 फीसदी रहने का अनुमान।
- नोटबंदी के बाद कैश का संकट अप्रैल तक खत्म हो जाएगा।
- विकास दर 6.75 फीसदी से 7.75 फीसदी रहने का अनुमान।
- रियल एस्टेट सेक्टर में दाम और गिरेंगे। रियल एस्टेट सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
- सबको सस्ते घर देने को बढ़ावा देगी सरकार।
- एक्साइज ड्यूटी में 0.1 फीसदी की कमी का अनुमान।
- कृषि क्षेत्र में 4.1 फीसदी विकास का अनुमान। इस वक्त यह 1.2 फीसदी है।