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कोरोना से फीकी हुई होली, चौथाई रह गया कारोबार, पहली बार बने ऐसे हालात
Tue, 10 Mar 2020 06:24 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 10 Mar 2020 06:24 AM IST
सार
रोजाना 500 ऑर्डर तक डिलीवरी होते थे। अब 150 ही रह गए
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होली का बाजार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में कोरोना वायरस ने होली के रंग में भंग डाल दिया है। कारोबार आधा भी नहीं रह गया है। पिछले साल पर्व के दौरान 15 करोड़ रुपये तक का व्यापार हुआ था। इस बार सात करोड़ भी नहीं हुआ है।
यह पहला ऐसा मौका है, जब त्योहार पर ऐसे हालात बन गए हैं। दुकानों पर सामान सजा हुआ है, लेकिन खरीदने वाले नदारद हैं। पर्व में सबसे ज्यादा पिचकारी, रंग-गुलाल, मिष्ठान, खानपान का सामान बिकता है।
बाजार कई दिन पहले से सज जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खरीदारी भी शुरू हो जाती है। एक हफ्ते पहले से शहरी लोग भी निकल पड़ते हैं। मगर, कोरोना की हवा ने त्योहार का काम तमाम करने काम किया है।
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लगातार निरस्त होते होली मिलन समारोह से खरीदारों की संख्या बेहद कम रह गई। तो इधर, बारिश ने भी मिजाज बिगाड़ने का काम किया। इस समय छोटी दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक में ग्राहकों के लाले पड़े हुए हैं।
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यह पहला ऐसा मौका है, जब त्योहार पर ऐसे हालात बन गए हैं। दुकानों पर सामान सजा हुआ है, लेकिन खरीदने वाले नदारद हैं। पर्व में सबसे ज्यादा पिचकारी, रंग-गुलाल, मिष्ठान, खानपान का सामान बिकता है।
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बाजार कई दिन पहले से सज जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खरीदारी भी शुरू हो जाती है। एक हफ्ते पहले से शहरी लोग भी निकल पड़ते हैं। मगर, कोरोना की हवा ने त्योहार का काम तमाम करने काम किया है।
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लगातार निरस्त होते होली मिलन समारोह से खरीदारों की संख्या बेहद कम रह गई। तो इधर, बारिश ने भी मिजाज बिगाड़ने का काम किया। इस समय छोटी दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक में ग्राहकों के लाले पड़े हुए हैं।
ऑर्डर भी घटे
घर बैठकर खाने के ऑर्डर मंगवाने की संख्या भी घटकर 30 फीसदी रह गई। जोमेटो कंपनी के एक डिलीवरी ब्वॉय ने बताया कि बीते वर्ष तक हमारे पास ऑर्डर फुल लगे रहते थे। रोजाना 500 ऑर्डर तक डिलीवरी होते थे। अब 150 ही रह गए हैं।
25 फीसदी रह गए ग्राहक
ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे हैं। हमारे शहर के सभी शोरूम में ग्राहकों की संख्या 25 फीसदी रह गई है। अब सिर्फ दो दिन ही रह गए हैं, जिसमें बिक्री बढ़ सकती है। - जय अग्रवाल, मिष्ठान विक्रेता
माल बनाना कम किया
हमने बिक्री के लिए ठंडाई के ग्लास तैयार किए थे, लेकिन स्थिति को देखते हुए ग्राहकों को निशुल्क देने पड़े। जबकि इस समय तक यह बचते नहीं थे। हालात को देखते गुझिया-नमकीन को बनाना कम कर दिया है। - शिशिर भगत, मिष्ठान विक्रेता
रंग-गुलाल की बिक्री कम
पहले चीन से आने वाली पिचकारी महंगी हुई। जिसने खरीदारी प्रभावित की। अब होली मिलन निरस्त होने से रंग-गुलाल की बिक्री भी चौपट हो चुकी है। - राजेंद्र सिंह, रंग-पिचकारी विक्रेता
घर बैठकर खाने के ऑर्डर मंगवाने की संख्या भी घटकर 30 फीसदी रह गई। जोमेटो कंपनी के एक डिलीवरी ब्वॉय ने बताया कि बीते वर्ष तक हमारे पास ऑर्डर फुल लगे रहते थे। रोजाना 500 ऑर्डर तक डिलीवरी होते थे। अब 150 ही रह गए हैं।
25 फीसदी रह गए ग्राहक
ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे हैं। हमारे शहर के सभी शोरूम में ग्राहकों की संख्या 25 फीसदी रह गई है। अब सिर्फ दो दिन ही रह गए हैं, जिसमें बिक्री बढ़ सकती है। - जय अग्रवाल, मिष्ठान विक्रेता
माल बनाना कम किया
हमने बिक्री के लिए ठंडाई के ग्लास तैयार किए थे, लेकिन स्थिति को देखते हुए ग्राहकों को निशुल्क देने पड़े। जबकि इस समय तक यह बचते नहीं थे। हालात को देखते गुझिया-नमकीन को बनाना कम कर दिया है। - शिशिर भगत, मिष्ठान विक्रेता
रंग-गुलाल की बिक्री कम
पहले चीन से आने वाली पिचकारी महंगी हुई। जिसने खरीदारी प्रभावित की। अब होली मिलन निरस्त होने से रंग-गुलाल की बिक्री भी चौपट हो चुकी है। - राजेंद्र सिंह, रंग-पिचकारी विक्रेता