इत्तेफाक या कोई रहस्य? यहां अपने आप ही खिसकते हैं पत्थर
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बड़े-बड़े पत्थर और रोज अपने आप ही सरकते हुए आगे बढ़ जाए, ये हैरत वाली बात है। लेकिन कैलिफोर्निया के रेसट्रेक पलाया कि ये खासियत है कि वहां के पत्थर अपने आप ही खिसकते हैं।
ऐसा क्यों होता है, इस बात ने विज्ञान को भी लंबे समय तक हैरत में रखा। इसके पीछे की सच्चाई जानने के लिए स्रिक्प इंस्टीट्यूट ऑफ ओशियनोग्राफी, युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के सैन डियागो के वैज्ञानिकों ने पहल की।
एबीसी डॉटकॉम के मुताबिक इसके लिए उन्होंने सबसे पहले रिचर्ड नॉरिस और जेम्स नॉरिस ने उस रहस्यमयी रास्ते पर जीपीएस डिवाइस लगा दिए और उसको देखना शुय किया। आपको बता दें इस जगह को डेथ वैली या फिर सेलिंग स्टोन नाम से भी जाना जाता है।
निकली सच्चाई
उन्होंने सबसे पहली बार इस रास्ते का साइंटेफिक ऑबजरवेशन किया और इसकी फोटोग्राफी भी। साल 2013 के 20 दिसंबर महीने में उन्होंने 60 पत्थरों को मूव होते देखा।
बाद में उन्होंने डिस्कवर किया कि पत्थरों पर असल में हल्की बर्फ की परत होती है। सर्दियों के समय धूप होने पर वो गलने लगती है। तभी पत्थर पर पड़ा थोड़ा गीला पानी, बर्फ के अति छोटे कण और हवा के दबाव से वो खिसकने लगते हैं।
ऐसा देखकर लगता है कि पत्थर खुदबखुद ही यहां चलते हों। किसी आदमी को इसकी पीछे की सच्चाई पता ना हो, तो हो सकता है कि वो ये सब देखकर डर भी जाए।