ऐसी धार्मिक परंपराएं जो कंपा दे आपकी रूह!
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ऑडी के मुताबिक इस परंपरा के तहत मृत व्यक्ति के शरीर को नग्न अवस्था में किसी पहाड़ी पर ले जाया जाता है।
इसके बाद उसके शरीर से कुछ टुकड़ों को काटकर पहाड़ी पर ही चीलों को खाने के लिए डाल दिया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि मृत इंसानी शरीर महज किसी खाली बर्तन जैसा है जिसे जरूरत न होने पर फेंका जा सकता है।
बूढ़ी होती है आत्मा
उनका ये मानना है कि आत्माएं कुछ वक्त बाद बूढ़ी हो जाती हैं। उन्हें पूरित करने के लिए ये लोग कई तरह के बलिदान चढ़ावे के तौर पर देते हैं।
ऐसा करते हुए वो अपना होश खो बैठते हैं और कहा जाता है कि कुछ देर के लिए उनके शरीर में आत्माएं भी आती हैं।
जूठन चाटने के लिए होड़
हमारे ही देश में कर्नाटक में ऐसे रिवाज को लोग फॉलो करते हैं जिसमें वो ब्राहमणों के जूठे केले के पत्तों पर लोटते हैं।
ऐसा करने से ये लोग हर दुख से अपनी मुक्ति समझते हैं और विश्वास करते हैं कि ऐसा करने से हर बीमारी को दूर भगाया जा सकता है।
हांलाकि कर्नाटक हाई कोर्ट ने लोगों की संवेदलाओं का ख्याल रखते हुए इस प्रैक्टिस को जारी रखने की अनुमति दी है लेकिन कहा है कि खाने में जूठे की जगह ताजा खाना ही रहेगा।
सेक्स सभी से
अमरीका के सीऐटल में इस परंपरा को पगन कहते हैं। इसके तहत लोग अपने उस देवता को खुश करने की कोशिश करते हैं जो उनके हिसाब से इंसानी जीवन बढ़ाते हैं।
इस दौरान वो ग्रुप सेक्स को प्राथमिकता देते हैं। इसे करने वाले लोग एक ही कमरे में एक समय पर किसी से भी सेक्स करते हैं।
इस दौरान समलैंगिक सेक्स भी बहुत कॉमन होता है। ऐसा माना जाता है देवता इंसानी शरीर में न रह पाने के कारण सेक्स का सुख नहीं महसूस कर सकते हैं। इसलिए उन्हें खुश करने के लिए ये लोग ही सेक्स करते हैं।