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जानिए, गूगल में क्या काम करती हैं 200 बकरियां
टीम डिजिटल/नई दिल्ली
Updated Wed, 04 Feb 2015 03:44 PM IST
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जी हां, सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन गूगल के दफ्तर में 200 बकरियां नौकरी करती हैं। इन बकरियों को बाकायदा तन्ख्वाह दी जाती है और अन्य सुविधाएं भी। हालांकि ये बकरियां सॉफ्टवेयर पर काम नहीं करती, इनका काम कुछ दूसरा है।
दरअसल गूगल ने 200 बकरियों को नौकरी पर रखा है जो सप्ताह में एक बार गूगल के दफ्तर के लॉन की घास को चरती हैं। इससे घास की ट्रिमिंग होती है और बकरियों का पेट भी भर जाता है। खुद गूगल ने अपने ब्लॉग पर बकरियों को काम देने की बात रखी है। गूगल के इस कदम से जहां बकरियों की मौज है वहीं गूगल के कर्मचारी इको फ्रैंडली माहौल देने के लिए प्रबंधन का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।
दरअसल गूगल अपने दफ्तर के लॉन में घास की कटाई के लिए कटाई मशीन का उपयोग नहीं करता। इससे निकलने वाले धुंए और आवाज से दफ्तर में इनोवेशन के काम कर रहे कर्मचारियों को परेशानी होती है और गूगल अपने कर्मचारियों को परेशानी में नहीं देख सकता।
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इसीलिए गूगल प्रबंधन ने लॉन की घास की सफाई के लिए बकरियों को लगाया है। करीब 200 बकरियां नियमित तौर पर गूगल के बड़े से लॉन में छोड़ दी जाती है। वो कुछ ही घंटों में बेतरतीब उगी घास को सफाचट कर डालती है। हालांकि बकरियां केवल घास चरे और
दफ्तर में न घुस जाएं इसके लिए बकरियों को लाने वाले चरवाहे को खास ट्रेनिंग दी गई है।
गूगल का कहना है कि वो अपने कर्मचारियों को हरियाली से भरे स्वच्छ वातावरण देना चाहता है। यूं भी कर्मचारियों को घास कटाई की मशीन की जगह बकरियों की आवाज ज्यादा सकून देती है।
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दरअसल गूगल ने 200 बकरियों को नौकरी पर रखा है जो सप्ताह में एक बार गूगल के दफ्तर के लॉन की घास को चरती हैं। इससे घास की ट्रिमिंग होती है और बकरियों का पेट भी भर जाता है। खुद गूगल ने अपने ब्लॉग पर बकरियों को काम देने की बात रखी है। गूगल के इस कदम से जहां बकरियों की मौज है वहीं गूगल के कर्मचारी इको फ्रैंडली माहौल देने के लिए प्रबंधन का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।
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दरअसल गूगल अपने दफ्तर के लॉन में घास की कटाई के लिए कटाई मशीन का उपयोग नहीं करता। इससे निकलने वाले धुंए और आवाज से दफ्तर में इनोवेशन के काम कर रहे कर्मचारियों को परेशानी होती है और गूगल अपने कर्मचारियों को परेशानी में नहीं देख सकता।
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इसीलिए गूगल प्रबंधन ने लॉन की घास की सफाई के लिए बकरियों को लगाया है। करीब 200 बकरियां नियमित तौर पर गूगल के बड़े से लॉन में छोड़ दी जाती है। वो कुछ ही घंटों में बेतरतीब उगी घास को सफाचट कर डालती है। हालांकि बकरियां केवल घास चरे और
दफ्तर में न घुस जाएं इसके लिए बकरियों को लाने वाले चरवाहे को खास ट्रेनिंग दी गई है।
गूगल का कहना है कि वो अपने कर्मचारियों को हरियाली से भरे स्वच्छ वातावरण देना चाहता है। यूं भी कर्मचारियों को घास कटाई की मशीन की जगह बकरियों की आवाज ज्यादा सकून देती है।