सिर्फ ये बटन दबाना भूल गया पायलट,यात्रियों के नाक और कान से निकलने लगा खून...
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डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के अधिकारी ललित गुप्ता ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बताय, ''जेट एयरवेज़ का एक क्रू मेंबर केबिन प्रेशर को मेंटेन रखने वाले बटन को दबाना भूल गया जिसके कारण ये हादसा हुआ।''
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आख़िर केबिन प्रेशर होता क्या है और इसके कम होने से नाक और कान से खून निकलने जैसी समस्याएं क्यों होती है।
Panic situation due to technical fault in @jetairways 9W 0697 going from Mumbai to Jaipur। Flt return back to Mumbai after 45 mts। All passengers are safe including me। pic।twitter।com/lnOaFbcaps
— Darshak Hathi (@DarshakHathi) September 20, 2018
केबिन प्रेशर क्या होता है?
हम इंसानों को जीने के लिए ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है, जैसे-जैसे हम ऊँचाई पर जाते हैं, हमें ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है। धरती से ऊपर बढ़ने पर हवा का दबाव भी कम होने लगता है। ऊपर हवा का दबाव कम होने पर ऑक्सीजन के कण बिखरने लगते हैं। समुद्र तल से 5।5 किलोमीटर ऊपर ऑक्सीजन की मात्रा क़रीब आधी हो जाती है। करीब सात किलोमीटर ऊपर ऑक्सीजन की मात्रा एक-तिहाई रह जाती है। समुद्र तल से करीब 2।5 किलोमीटर ऊपर उड़ान भरने पर इंसान को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, जैसे सिरदर्द, उल्टी और जी मचलाना।
सभी विमान अंदर से प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं ताकि लोग आराम से सांस ले सकें जबकि विमान के बाहर दबाव काफ़ी कम होता है। विमान में ऑक्सीजन की टंकी नहीं ले जाई सकती इसलिए ऊपर आसमान में मौजूद ऑक्सीजन को विमान के अंदर इकट्ठा करने की कोशिश की जाती है।विमान के इंजन से जुड़े टरबाइन बाहर के ऑक्सीजन को कंप्रेस कर अंदर लाते हैं। इंजन से होकर गुज़रने की वजह से हवा का तापमान बहुत अधिक हो जाता है जिसकी वजह से इसे सांस ले पाना मुश्किल होता है। ऐसे में कूलिंग तकनीक से इसे ठंडा किया जाता है, जिसकी वजह से इसमें आर्द्रता कम होती है।
अगर केबिन में किसी वजह से प्रेशर कम होता है तो सीट के ऊपर एक अतिरिक्त ऑक्सीजन मास्क की व्यवस्था होती है, जिसे ज़रूरत पड़ने पर यात्री इस्तेमाल कर सकते हैं।
विमान के किन-किन हिस्सों में प्रेशर एरिया होते हैं
कॉकपिट के निचले हिस्से में
केबिन में
और कार्गो कंपार्टमेंट में
कितने केबिन प्रेशर मशीन होते हैं
विमान में दो केबिन प्रेशर मशीन होते हैं, जो अंदर में ऑक्सीजन की उपलब्धता को बनाए रखते हैं। एक बार में एक मशीन मोटर ही काम करती है, जबकि दूसरा इमरजेंसी के लिए होता है। ये दोनों मोटर ऑटोमेटिक होते हैं, जबकि एक मोटर और होता है जो मैनुएली काम करता है। दोनों ऑटोमेटिक मोटर बंद या ख़राब होने पर तीसरे मोटर का इस्तेमाल किया जाता है।
क्या होता है प्रेशर कम होने पर?
अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने पर न सिर्फ़ हमें सांस लेने में परेशानी होती है बल्कि हमारा दिमाग और शरीर ठीक से काम करना बंद कर देता है। हमारी स्वाद लेने और सूंघने की क्षमता 30 प्रतिशत तक घट जाती है। यही वजह होती है कि मनपसंद खाना भी विमान में स्वादिष्ट नहीं लगता। नमी कम होने की वजह से आपको प्यास ज़्यादा लगती है। केबिन प्रेशर कम होने के कारण रक्त के बहाव में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ सकती है जोकि जोड़ों में दर्द, लकवा, यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकती है।