परीक्षा के डर से अस्पताल में भरती हो गया लड़का लेकिन दाल में कुछ काला है!
परीक्षा से बचने के लिए बच्चे कई तरह के बहाने बनाते हैं। कोई अपनी तबीयत खराब बताता है तो कोई अपने किसी परिजन को ही बीमार बता देता है। इसके लिए नकली हेल्थ सर्टीफिकेट भी बनवाते हैं। लेकिन इस लड़के ने तो हद ही कर दी।
कोलंबिया विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले जोकर टेरेल फिनर अपनी मिडटर्म परीक्षाओं से बचने की फिराक में थे तो उन्होंने अपने फ्रोफेसर को ऐसी तस्वीर भेजी जिससे समझ आए कि वे अस्पताल में भर्ती हैं। ये तस्वीर उसने ट्विटर पर भी डाली।
इतना ही नहीं, अस्पताल की तरह ही वो सफेद चादर ओढ़े बैठा था, हाथ में अस्पताल का एक बैंड भी पहना था औऱ नाक में ट्यूब भी लगी थी। एक नजर देखने वाले को तो यकीन ही हो जाए कि ये किसी असली अस्पातल की ही तस्वीर है और वो सच में भर्ती है। लेकिन उसने एक गलती कर दी, भो भी बहुत बड़ी
तो ऐसे चढ़ा ग्लूकोस
गलती या कहें, बेवकूफी ये हो गई कि नाक और हाथ में लगी ट्यूब असल में असली नहीं बल्कि उसके ईयरफोन हैं। गौर से देखें तो समझ जाएंगे।
डेलीमेल में छपी खबर के मुताबिक टेरेल ने अपने ईयरफोन को नाक में लगाया और चार्जर के वायर को हाथ में ऐसा लगा दिखाया मानो वाकई ग्लूकोस चढ़ा हो।
असल में ये सब उसने जानबूझ कर लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए किया था। लेकिन इसक अंजाम क्या हुआ, अगली स्लाइड में जानिए।
बेवकूफ बन गए लोग
टेरेल की ये तस्वीरें डालते ही वायरल होने लगीं। लोग इसे रीट्वीट करने लगे। इतने कम वक्त में ही ये 20,000 बार शेयर हो चुकी थीं।
टेरेल ने 6 दिन बाद एक तस्वीर और डाली जिसमें लिखा था,'आज अस्पताल से डिसचार्ज हो गया। लेकिन ऑक्सीजन की जरूरत है। आप सब की प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद।'
ऐसा उसने उन लोगों के लिए लिखा जिन्होंने उसके पोस्ट और तस्वीरों को सच मान लिया था। टेरेल के इस पोस्ट पर जहां कुछ लोगों ने काफी आलोचना की वहीं कुछ लोगों को ये हरकत बहुत मजाकिया लगी।