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एग्जीबिशन से 15 करोड़ में खरीदी पेंटिंग, 5 साल बाद हुआ उससे जुड़ा सनसनीखेज खुलासा

Thu, 16 Aug 2018 04:40 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 16 Aug 2018 04:40 PM IST
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Fake Painting Of Sir William Nicholson Sold In 15 crore rupees
Fake Painting
एक बड़े कलाकार की पेंटिग समझकर 1 लाख 65 हज़ार पाउंड यानि तकरीबन 15 करोड़ रूपए में ख़रीदी पेंटिंग के असली होने पर सवाल उठ रहे हैं। ये पेंटिंग है एक जग और नाशपाती की जिसे ब्रिटेन के कलाकार सर विलियम निकलसन की कलाकृति बताया जा रहा है। इस पेंटिंग को बीबीसी के कार्यक्रम 'फ़ेक ऑर फ़ॉर्चून' में जांचा गया। एक विशेषज्ञ ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि इसे किसने पेंट किया।
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एक लिखावट विशेषज्ञ का कहना है कि ये पेंटिंग असली है और सबूतों के मुताबिक़ ये निकलसन के पेंट बॉक्स की ही है। कार्यक्रम की प्रस्तोता फिओना ब्रूस ने कहा कि वो हैरत में हैं क्योंकि इसके फ़ेक यानी जाली होने का मामला काफ़ी मज़बूत है।

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ऐसे हुआ शक

पेंटिंग को खरीदने वाली लिन कहती हैं कि उन्हें इसकी विश्वसनीयता पर कोई शक़ नहीं हुआ था जब उन्होंने 2006 में इसे ख़रीदा था, "पहली नज़र में इससे प्यार हो गया था।" लेकिन जब 2011 में कलाकार निकलसन की सभी कलाकृतियों का कैटलॉग प्रकाशित हुआ तो उसमें इस पेंटिंग का नाम नहीं था।

लिन ने कहा, "मैं बहुत दुखी हुई। मुझे लगा कि न्याय ही ख़त्म हो गया है।" उन्हें उम्मीद थी कि फ़ेक ओर फ़ॉर्चून की टीम शायद इस शक़ को ग़लत साबित कर पाए। ये पेंटिंग विल डार्बी की गैलरी से ख़रीदी गई थी जहां इसे प्रदर्शनी के लिए लगाया गया था। उन्होंने प्रस्तोता फ़िओना ब्रूस से कहा, "मैं हैरान था। जहां तक मुझे लगता है ये पेंटिंग निकलसन के अलावा किसी और की नहीं हो सकती।"

कुछ नए सबूतों से लगा कि ये पेंटिंग निकलसन के अपने पेंट बक्से की ही है जो उनके पोते के घर में है। लिखावट विशेषज्ञ ने कहा कि वो 100 फ़ीसदी मानते हैं कि पेंटिंग के पीछे लिखी लिखावट निकलसन की ही है। कनाडा में इसी तरह की एक पेंटिंग और है जिसके पिगमेंट इस पेंटिंग से मिलते-जुलते हैं।
 
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नकली निकली पेंटिंग

लेकिन इन सबके बावजूद एक विशेषज्ञ पेट्रिशिया रीड को विश्वास नहीं था कि ये पेंटिंग असली है। उन्होंने कहा, "ऐसा कोई सीधा सबूत नहीं है जो बताए कि निकलसन ने खुद ये पेंटिंग बनाई है।" निकलसन का जन्म 1872 में हुआ था और उनकी ज़िंदगी के 50 साल पेंटिंग के नाम रहे। उन्होंने पोर्ट्रेट, लैंडस्केप और स्टिल लाइफ कलाकृतियां बनाईं।

विशेषज्ञ रीड का कहना है कि निकलसन के कुछ छात्रों ने स्टूडियो में सीखने के दौरान उनके पेंटिंग बोर्ड का इस्तेमाल किया होगा। विंस्टन चर्चिल भी इस संडे पेंटर्स नाम के ग्रुप का हिस्सा रहे हैं और विशेषज्ञ पेट्रिशिया रीड का मानना है कि ये पेंटिंग इसी ग्रुप के किसी व्यक्ति ने बनाई है। अंतरराष्ट्रीय आर्ट डीलर फिलीप मोल्ड ने बताया, "किसी तस्वीर के लिए की गई ये हमारी सबसे ठोस तकनीकी जांच है।


 
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