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नहीं देखा होगा गुदगुदी वाला पेड़, सहलाने पर हंसने लगते हैं टहनियां और पत्ते
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 25 Mar 2018 09:55 AM IST
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गुदगुदी वाला पेड़
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गुदगुदी सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि पेड़ों को भी होती है। जी हां, आज आपको एक ऐसे अनोखे पेड़ के बारे में बताएंगे जिसे सहलाने पर इंसानों की तरह गुदगुदी होती है।
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गुदगुदी वाला पेड़
अगर इसके तने को गुदगुदाया जाए तो पेड़ की टहनियां खिलखिला कर हंसने लगती हैं। ऐसा नहीं है कि आपको पेड़ के हंसने की आवाज आए। दरअसल, यह पेड़ छूते ही यह मचलने लगता है जैसे कि कोई इंसान... पेड़ की इस हरकत को आप अपनी आंखों से साफ देख सकते हैं।
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गुदगुदी वाला पेड़
दरअसल, सोशल मीडिया पर गुदगुदी वाला पेड़ होने का दावा किया गया है। लेकिन जब इसकी हकीकत जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे। उत्तराखंड के कालाढूंगी के जंगल में ऐसे दरख्त का आप दीदार कर सकते हैं, जिसके तने में अंगुलियां रगड़ें तो उसकी शाखाएं कांपना शुरू कर देती हैं। यह जानकर भले ही आपको हैरानी हो, लेकिन यह सच है।
गुदगुदी वाला पेड़
कालाढूंगी के जंगल में दो और रामनगर के क्यारी जंगल में कांपने वाला वृक्ष मौजूद है। पिछले चार साल से कालाढूंगी के दो वृक्षों को कार्बेट ग्राम विकास समिति ने पर्यटन से जोड़ा है। पर्यटकों को घने जंगल में कंपन वाले यह पेड़ दिखाने के लिए बकायदा समिति के गाइड जाते हैं।
गुदगुदी वाला पेड़
इसका नाम ‘रेंडिया डूमिटोरम’ है। रूबीएसी कुल का यह सदस्य करीब 300 से 1300 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। दिसंबर से जनवरी तक का समय पेड़ों में फल आने का रहता है। इसे मेनफल, मिंदा, राधा और मदनफल का भी नाम दिया गया है।