Super Earth: मिल गई दूसरी पृथ्वी! वैज्ञानिकों की नई खोज ने दुनिया को चौंकाया, जानिए इसके बारे में
यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल के नेतृत्व में अध्ययन किया गया है। यह एलएचएस 1140 बी को लेकर बीती धारणाओं को चुनौती देता है। शुरुआत में इसे एक छोटा-नेपच्यून माना जाता था।
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Super Earth: ब्रह्मांड रहस्यों से भरा हुआ है। सालों से वैज्ञानिक इन रहस्यों को जानने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान वैज्ञानिकों को कुछ मिल जाता है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होती है। अब इस बीच अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। उन्होंने संभावित रूप से रहने योग्य एक ग्रह (एक्सोप्लैनेट ) का पता लगाया है। आमतौर इसे पृथ्वी की दूसरी बहन कहा जा रहा है। शोधकर्ताओं के इस अध्ययन को द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया गया है। इससे पता चलता है कि एक्सोप्लैनेट एलएचएस 1140 बी एक सुपर-अर्थ हो सकता है। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि इस एक्सोप्लैनेट पर पानी से भरा महासागर भी हो सकता है। एक्सोप्लैनेट एलएचएस 1140 बी नक्षत्र क्षेत्र में करीब 48 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद है।
एलएचएस 1140 बी एक्सोप्लैनेट की खासियत
यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल के नेतृत्व में यह अध्ययन किया गया है। यह एलएचएस 1140 बी को लेकर बीती धारणाओं को चुनौती देता है। शुरुआत में इसे एक छोटा-नेपच्यून माना जाता था। इसमें एक मोटा हाइड्रोजन युक्त वायुमंडल था, लेकिन अब जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) के नए डेटा से खुलासा हुआ है कि यह पृथ्वी से बड़ा एक चट्टानी या पानी से भरा हुआ ग्रह है।
एक्सोप्लैनेट पर हो सकता है पानी
यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल में मुख्य लेखक और डॉक्टरेट छात्र चार्ल्स कैडियक्स ने इस खोज के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि एलएचएस 1140 बी एक दिन हमारे सौर मंडल से परे एक विदेशी दुनिया की सतह पर तरल पानी की अप्रत्यक्ष तौर पर पुष्टि करने के लिए हमारी सबसे अच्छी शर्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह ग्रह अपने रहने योग्य क्षेत्र में एक लाल तारे की परिक्रमा करता है। जहां तापमान संभावित रूप से सतह पर तरल पानी का समर्थन कर सकता है।
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नाइट्रोजन युक्त वातावरण की मौजूदगी
जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन के डेटा से जानकारी मिलती है कि अन्य अंतरिक्ष दूरबीनों से बीते अवलोकनों के साथ मिलकर संकेत देता है कि एलएचएस 1140 बी में पृथ्वी के बराबर नाइट्रोजन युक्त वातावरण हो सकता है। इसके साथ ही इसके केंद्र में सतह का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस आरामदायक हो सकता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि नाइट्रोजन युक्त वायुमंडल की मौजूदगी की पुष्टि करने और अन्य गैसों का पता करने के लिए जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन से अतिरिक्त अवलोकन की जरूरत पड़ती है।