क्या आप जानते हैं, पेशाब से बना पानी पीते हैं अंतरिक्षयात्री?
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हममें से ज्यादातर लोगों को बस इंडियन और वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट के बारे में पता होता है। लेकिन, हम आप से पूछना चाहेंगे कि क्या आपने कभी जानना चाहा कि स्पेस में जाने वाले लोग कैसा टॉयलेट यूज करते होंगे?
नहीं ना! इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जो हमारी धरती का ऐसा कृत्रिम सैटिलाइट है जिसमें लोग रह सकते हैं।
डेली मेल के मुताबिक वहां रहने वाले अंतरिक्षयात्रियों का टॉयलेट मैनेजमेंट किस प्रकार का होता है, यकीनन आगे आप पढ़कर चौंक जाएंगे।
होना पड़ता है बोल्ड
मॉनटेना में रहने वाले एक वैज्ञानिक ने आईएसएस में इस्तेमाल किए जाने वाले टॉयलेट के बारे में अपना सारा ज्ञान अब लोगों से एक वीडियो की मदद से साझा किया है।
उन्होंने बताया कि सैटिलाइट में जो लोग रहते हैं उनके लिए वहां जिंदा रहने के लिए सबसे जरूरी वहां का टॉयलेट मैनेजमेंट सिस्टम ही है।
उन्होंने बताया कि बात चाहें पेशाब करने की हो या फिर मल की, यहां सब कुछ सक्शन सिस्टम पर केंद्रित होता है। इसको यूज करने से पहले इन्हें ट्रेनिंग दी जाती है।
इतने छोटे टॉयलेट
आम तौर पर टॉयलेट की सीट के बीच 12 से 28 इंच का फासला होता है, लेकिन स्पेस स्टेशन के टॉयलेट में मल त्याग के लिए लगभग 4 इंच का गोला होता है।
यूजर को इसी में मल त्याग करना होता है। ये पूरा सिस्टम सेटअप बड़े तरीके से काम करता है। इसमें मल त्याग के बाद अंदर एक सक्शन सिस्टम होता है जो मल को खींचकर एक जगह स्टोर करता रहता है।
जिस टैंकर में मल स्टोर किया जाता है उसे कैप्सूल बालते हैं और अंतरिक्षयात्री इसे धरती लौटने के वक्त अपने साथ ले जाते हैं।
टॉयलेट का अलग है माजरा
अगर आप यहां टॉयलेट का इस्तेमाल जान जाएंगे, तो हैरान हो जाएंगें। यहां मर्दों और औरतों के टॉयलेट पास करने का सिस्टम अलग-अलग होता है।
औरतों के लिए एक फनल शेप में मशीन होती है। वो इसमें ही टॉयलेट करती हैं और इसके साथ ही सक्शन सिस्टम ऑन हो जाता है। ये पेशाब भी एक जगह स्टोर होता है।
मर्दों के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी कठिन मानी जाती है। उन्हें उनका फनल तेजी से पकड़कर रखना होता है। ऐसा ना करने पर उन्हें उनके गुप्तांग में चोट लग सकती है।
बनता है पानी
हाल ही में इस सैटिलाइट पर पेशाब से पानी बनाने के लिए प्यूरिफिकेशन वर्क शुरू हो गया है।
अंतरिक्षयात्री ढेर सारा पानी ले चलने के बजाय टॉयलेट को ही फिल्टर कर पीते हैं।
आगे ये भी प्लानिंग चल रही है कि स्पेस स्टेशन की बिजली वहां के रहने वाले यात्रियों के टॉयलेट से ही बना ली जाए।
आपको बता दें कि इस स्पेस स्टेशन की टॉयलेट की कीमत बहुत ज्यादा होती है। ये लगभग 19 मिलियन का सेटअप होता है।