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वैज्ञानिकों ने खोजी 'सुपर अर्थ', अब होगी नए जीवन की संभावनाओं की तलाश
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 15 Nov 2018 03:00 PM IST
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वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। वैज्ञानिकों ने सुपर- अर्थ ढूंढ लिया है जो सूर्य के सबसे नजदीक कक्षा में स्थित है। बर्फ की शक्ल में यह 'सुपर अर्थ' पृथ्वी से करीब छह प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि खगोलविद सौरमंडल से अलग इस दुनिया के बारे में नई जानकारियां जुटा सकेंगे।
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माना जा रहा है कि यह वैज्ञानिकों द्वारा अब तक की सबसे बड़ी खोज है और आने वाले समय में पृथ्वी के सबसे करीब ग्रहों के बारे में जानकारी एकत्रित करने में वैज्ञानिकों को बड़ी मदद भी मिल सकती है।
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वैज्ञानिकों को मिली इस बड़ी सफलता की जानकारी पत्रिका नेचर में प्रकाशित की गई है। इस लेख में बताया गया है कि किस तरह खगोलविदों ने छह प्रकाश वर्ष दूर इस बरनार्ड स्टार के बारे में पता लगाया है। खगोलविदों ने शोध के दौरान पाया कि इस ग्रह पर 'जमे हुए और एक धुंधली दुनिया' भी मौजूद है जो करीब पृथ्वी से 3.2 गुना वजनी है।
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बता दें कि इस ग्रह को अब तक बरनार्ड स्टार के रूप में जाना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक हमारे सौरमंडल के बाहर पृथ्वी के नजदीक यह दूसरा ग्रह है जो हर 233 दिनों में मेजबानी करता है।
इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस स्टडीज के कटालोनिया एंड स्पेन इंस्टीट्यूट के इगनासी रिबास ने कहा कि यह खोज तब बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कुछ वैसा है जैसे आपका पड़ोसी। जिससे हम बात करना चाहते हैं।
रिबास ने कहा कि सुपर अर्थ निश्चित तौर पर रहने योग्य स्थान नहीं है, क्योंकि वहां न तो पानी है और हवा। यहां कुछ पानी और गैस है भी तो वह ठोस के रूप में है इसलिए वहां सबकुछ जमा हुआ है।