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भारत का वो अनोखा मंदिर, भगवान शिव और रावण से जुड़ा है जिसका इतिहास

Sun, 03 May 2020 04:56 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 03 May 2020 04:56 PM IST
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Murudeshwar Temple in Karnataka it is famous for the worlds second tallest Lord Shiva statue
मुरुदेश्वर मंदिर, कर्नाटक - फोटो : Social media

भारत में ऐसे कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनका संबंध या तो किसी दूसरे युग से है या फिर उनका इतिहास हजारों साल पुराना है। आज हम आपको ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है, खासकर रावण से। यह मंदिर कर्नाटक में कन्नड़ जिले के भटकल तहसील में स्थित है, जो तीन ओर से अरब सागर से घिरा हुआ है। समुद्र तट पर स्थित होने के कारण इस मंदिर के आसपास का नजारा बेहद ही खूबसूरत लगता है। 

Murudeshwar Temple in Karnataka it is famous for the worlds second tallest Lord Shiva statue
मुरुदेश्वर मंदिर, कर्नाटक - फोटो : Social media

इस मंदिर का नाम है मुरुदेश्वर मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है। 'मुरुदेश्वर' भगवान शिव का ही एक नाम है। इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि इसके परिसर में भगवान शिव की एक विशाल मूर्ति स्थापित है, जिसे दुनिया की दूसरी सबसे विशाल और ऊंची शिव प्रतिमा (मूर्ति) माना जाता है। 

Murudeshwar Temple in Karnataka it is famous for the worlds second tallest Lord Shiva statue
मुरुदेश्वर मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शिव की ऊंची प्रतिमा - फोटो : Social media

भगवान शिव की इस विशाल मूर्ति की ऊंचाई करीब 123 फीट है। इसे इस तरीके से बनाया गया है कि दिनभर सूर्य की किरणें इसपर पड़ती रहती हैं, जिसकी वजह से मूर्ति हमेशा चमकती रहती है। इसे बनवाने में करीब दो साल का वक्त लगा था और करीब पांच करोड़ रुपये की लागत आई थी। इस खास मंदिर को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। 

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Murudeshwar Temple in Karnataka it is famous for the worlds second tallest Lord Shiva statue
मुरुदेश्वर मंदिर, कर्नाटक - फोटो : Social media

मुरुदेश्वर मंदिर में भगवान शिव का आत्मलिंग भी स्थापित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण जब अमरता का वरदान पाने के लिए भगवान शिव की तपस्या कर रहा था, तब शिवजी ने उसकी तपस्या से खुश होकर उसे एक शिवलिंग दिया, जिसे 'आत्मलिंग' कहा जाता है और कहा कि अगर तुम अमर होना चाहते हो तो इसे लंका ले जाकर स्थापित कर देना, लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि इसे जिस जगह पर रख दोगे, ये वहीं स्थापित हो जाएगा। 

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Murudeshwar Temple in Karnataka it is famous for the worlds second tallest Lord Shiva statue
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

भगवान शिव के कहेनुसार रावण शिवलिंग को लेकर लंका की ओर जा रहा था, लेकिन बीच रास्ते में ही उसने शिवलिंग को धरती पर रख दिया, जिससे वो वहीं पर स्थापित हो गया। इससे रावण को क्रोध आ गया और उसने शिवलिंग को नष्ट करने का प्रयास किया। इसी क्रम में जिस वस्त्र से शिवलिंग ढंका हुआ था, वह म्रिदेश्वर के कन्दुका पर्वत पर जा गिरा। म्रिदेश्वर को ही अब मुरुदेश्वर के नाम से जाना जाता है। शिव पुराण में इस कथा का विस्तार से वर्णन मिलता है। 

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