दुनिया के सबसे अमीर लोगों की बात होती है तो जेफ बेजोस, बिल गेट्स, कार्लोस स्लिम जैसे व्यक्तियों का नाम याद आता है। हर साल फोर्ब्स जैसी बड़ी संस्थाएं एक लिस्ट निकलती हैं, जिनमें इनका नाम सबसे ऊपर होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक व्यक्ति ऐसा भी था जो इतिहास का सबसे अमीर व्यक्ति माना जाता है।
साल 1280-1337, देश माली और उससे भी ज्यादा दौलतमंद जितना कोई अनुमान लगा सकता है। 'इतिहास के सबसे अमीर आदमी' का परिचय 'मनी' मैगजीन में कुछ इसी अंदाज में शुरू होता है। मनसा मूसा प्रथम के बारे में एक परिचय ये भी है कि वो टिम्बकटू के राजा थे। मूसा ने माली की सल्तनत पर उस समय हुकूमत किया था जब वो खनिज पदार्थों खासकर सोने के बहुत बड़े भंडार का मालिक हुआ करता था।
ये वो जमाना था जब पूरी दुनिया में सोने की मांग अपने चरम पर थी। उनका असली नाम मूसा कीटा प्रथम था लेकिन तख्त पर बैठने के बाद वो मनसा कहलाए जिसका मतलब बादशाह होता है। पश्चिमी अफ्रीका की रिपोर्ट के मुताबिक मूसा की सल्तनत इतनी बड़ी थी कि इसके अंतिम छोर के बारे में अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था। आज के मॉरीटानिया, सेनेगल, गांबिया, गिनिया, बुर्किना फासो, माली, नाइजर, चाड और नाइजीरिया तब मूसा की सल्तनत का हिस्सा हुआ करता थे। मनसा मूसा ने कई मस्जिदों का निर्माण कराया जिनमें कई आज भी मौजूद हैं।
मनसा मूसा की दौलत का हिसाब-किताब आज के वक्त के मुताबिक लगाना एक मुश्किल काम है। फिर भी एक अंदाजा है कि मनसा मूसा के पास 4,00,000 मिलियन अमरीकी डॉलर के बराबर की दौलत थी। भारतीय मुद्रा में ये रकम करीब ढाई लाख करोड़ रुपये बनती है। मनसा मूसा के पास जेफ बेजोस से कहीं ज्यादा दौलत थी।
अगर मुद्रास्फीति का हिसाब न जोड़ा जाए तो जेफ बेजोस के पास इतिहास के जीवित व्यक्तियों में सबसे ज्यादा पैसा है।मनी मैगजीन में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के इतिहास के प्रोफेसर रुडोल्फ वेयर कहते हैं, "ये इतिहास के सबसे अमीर आदमी की बात है। जब आपके पास इतनी दौलत हो कि उसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाए तो ये समझिए कि आप बहुत अमीर आदमी हैं।"