{"_id":"63a58ca21108796ead0f0db4","slug":"maharashtra-50-bachelors-arrived-dm-office-with-bands-said-we-want-brides","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Ajab Gajab: बैंड-बाजा के साथ डीएम दफ्तर पहुंचे दर्जनों लड़के, कहा- नहीं मिल रही दुल्हन, शादी कराए सरकार","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
Ajab Gajab: बैंड-बाजा के साथ डीएम दफ्तर पहुंचे दर्जनों लड़के, कहा- नहीं मिल रही दुल्हन, शादी कराए सरकार
Fri, 23 Dec 2022 04:40 PM IST
धर्मेंद्र सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र सिंह
Updated Fri, 23 Dec 2022 04:40 PM IST
सार
सभी युवाओं ने पत्र देकर अविवाहित लड़कों के लिए दुल्हन खोजने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें शादी के लिए लड़कियां नहीं मिल रही हैं। इसलिए सरकार और प्रशासन लड़की खोजने में उनकी मदद करें।
विज्ञापन
बैंड-बाजा के साथ डीएम दफ्तर पहुंचे दर्जनों कुंवारे लड़के
- फोटो : iStock
विस्तार
Ajab Gajab: महाराष्ट्र के सोलापुर में कुछ युवकों ने अनोखा प्रदर्शन किया जिसके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। दरअसल 50 दूल्हे बैंड, बाजा और बारात के साथ डीएम दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम से शादी कराने की मांग की। उनका कहना है कि शादी के लिए लड़कियां नहीं मिल रही हैं, इसलिए वह हताश हैं। उन्होंने इसकी वजह से ही अनोखा प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
युवकों ने कहा कि वह शादी के लिए लड़कियों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश में लड़कियों की संख्या कम होती जा रही है। इसकी वजह से लड़कों की शादी नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की कि उनकी शादी के लिए सरकार लड़की खोजे। प्रदर्शन करने वाले युवाओं ने कलेक्टर को पत्र सौंपा।
विज्ञापन
सभी युवाओं ने पत्र देकर अविवाहित लड़कों के लिए दुल्हन खोजने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें शादी के लिए लड़कियां नहीं मिल रही हैं। इसलिए सरकार और प्रशासन लड़की खोजने में उनकी मदद करें।
विज्ञापन
Optical Illusion: पत्तों के बीच छिपा है तोता, क्या सात सेकेंड में खोज लेंगे? 99 फीसदी लोग हो चुके हैं फेल
कलेक्टर को दिए पत्र में युवाओं ने स्त्री-पुरुष के विषम अनुपात का मामला भी उठाया। उनकी मांग है कि महाराष्ट्र में पुरुष-महिला अनुपात में सुधार के लिए प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स एक्ट (PCPNDT एक्ट) को कड़ाई से लागू किया जाए।
ज्योति क्रांति परिषद की तरफ से इस प्रदर्शन की अगुवाई की गई थी। संस्था के संस्थापक रमेश बारस्कर का कहना है कि कुछ लोग हमारे इस प्रदर्शन का मजाक बना रहे हैं। लेकिन इस सच से इंकार नहीं किया जा सकता है कि महाराष्ट्र में पुरुष और महिलाओं के विषम अनुपात की वजह से योग्य लड़कों को शादी के लिए लड़कियां नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने लड़के-लड़कियों में भारी अंतर के लिए सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार कन्या भ्रूण हत्या रोकने में फेल है। महाराष्ट्र का लिंगानुपात प्रति 1,000 लड़कों पर 889 लड़कियों का है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या की वजह से यह असामानता है और इसका जिम्मेदार सरकार है।
#WATCH | Maharashtra: About 50 bachelors, wearing 'sehras' (wedding crowns), took out a procession with drums and horses to the Collector's office in Solapur, demanding implementation of the Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (PCPNDT) Act (22.12) pic.twitter.com/Q4rHNZdr9A
— ANI (@ANI) December 23, 2022