ये हैं ‘ईमानदारी के राष्ट्र वर्धन’, लौटाई दी ‘नोटों की गड्डी’
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राष्ट्रवर्धन की पनकी पड़ाव के पास परचून की दुकान है। गुरुवार सुबह वह किसी काम से जा रहे थे तभी रास्ते में पांच सौ रुपये की गड्डी पड़ी मिल गई। गिनने के बाद रकम 18500 रुपये निकली। नोट गिनने के बाद राष्ट्र वर्धन ने वहां आसपास लोगों से पूछा कि जिस किसी व्यक्ति के रुपये गिरे हों वह आकर ले जाए। यह सुनकर वहां पर लोगों का तांता लग गया। हर कोई खुद को रास्ते में पड़ी नोटों की गड्डी का मालिक बताकर रुपये मांगने लगा। हालात बिगड़ते देख राष्ट्रवर्धन ने पास की चौकी में जाकर नोटों की गड्डी जमा कर दी। थोड़ी ही देर बाद एक शख्स नोटों की गड्डी के बारे में पूछता हुआ पुलिस चौकी पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में जांच-पड़ताल और पूछताछ के बाद 18500 रुपये राष्ट्रवर्धन ने ट्रक ड्राइवर दीप सिंह को सौंप दिये। चौकी में लोगों की भीड़ लगी हुई थी हर कोई राष्ट्र वर्धन की तारीफ कर रहा था।