कोरोना वायरस के बाद अब चीन में हंता वायरस ने दस्तक दी है। इससे वहां के युनान प्रांत में एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना है। सोशल मीडिया पर #HantaVirus खूब ट्रेंड कर रहा है। अब चूंकि महामारी बन चुके कोरोना वायरस से पूरी दुनिया पहले से ही परेशान है और वो भी चीन से ही दुनियाभर में फैला है, ऐसे में एक नए वायरस के आने से लोग दहशत में हैं। इस बीमारी के फैलने को लेकर भी तरह-तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। ऐसे में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। आइए जानते हैं आखिर हंता वायरस फैलता कैसे है और इससे बचने के क्या उपाय हैं...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के बारे में पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि यह सांप या चमगादड़ खाने से फैला है। हंता वायरस को लेकर भी कुछ ऐसा ही अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन हम आपको बता दें कि यह सांप या चमगादड़ से नहीं बल्कि चूहों से फैलता है।
सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, अगर कोई इंसान चूहों के मल-मूत्र या लार को छूने के बाद अपने चेहरे को छूता है तो वो हंता वायरस से संक्रमित हो सकता है।
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हालांकि गनीमत है कि कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, लेकिन इसके संक्रमण का पता लगाने में डॉक्टरों को एक से आठ हफ्तों का समय लगता है। जबकि कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने में अधिकतम 14 या 15 दिन का समय लगता है।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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हंता वायरस के लक्षण लगभग कोरोना वायरस की तरह ही हैं। अगर कोई इंसान इस वायरस से संक्रमित है तो उसे बुखार, सर्दी, बदन दर्द और उल्टी आने जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है। इससे संक्रमित व्यक्ति की जब हालत बिगड़ती है तो उसके फेफड़ों में पानी भरने जैसी समस्या भी हो सकती है।
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कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस कोई नई बीमारी नहीं है बल्कि इसकी शुरुआत 20वीं सदी में हुई थी। साल 1993 में अमेरिका में इस बीमारी की जब निगरानी करनी शुरू की गई तो जनवरी 2017 तक हंता वायरस के कुल 728 मामले सामने आए। यह सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का आंकड़ा है।