VIDEO: सर्कस के अंदर का ऐसा नजारा, दहला देगा आपका दिल
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सर्कस चलाने वालों के लिए उनके जानवरों के कर्तब ही उनकी रोटी है। लेकिन जितने मजे के साथ हम सर्कसों और जू जैसी जगहों में जाते हैं और बंदरों का खेल कर आ जाते हैं, उनके पीछे की कहानी दर्दनाक है।
डेली मेल के मुताबिक चीन के कई सर्कसों में जानवरों के स्टंट्स दिखाकर रुपए कमाना आम बात है। पर, ऐसे स्टंट्स करने के लिए बंदरों को जिस कदर ट्रेन किया जाता है और उनकी हालत बद्दतर बना दी जाती है, वो देखने लायक नहीं है।
ये तस्वीरें हैं चीन के शुजू की जो चीनी सर्कर्सों की काली सच्चाई को बयां करती हैं। बंदरों की यहां पिटाई होती है, उनपर कंट्रोल करने के लिए उनकी गर्दन को पट्टे से बांध दिया जाता है और जो बंदर स्टंट करने से बचता है उसे बकरी की सींग से बांधकर सजा दी जाती है।
सभी जानवरों पर गिरती है गाज
करतब दिखाने के लिए बंदर तो क्या मालिक हाथियों, चीतों और शेरों को भी नहीं छोड़ते हैं। ऐसे कई लोग हैं जो जानवरों को प्रताड़ित करने वाले ऐसे सर्कसों और सर्कस मालिकों के एकदम खिलाफ है।
उन लोगों का कहना है कि अकेले में जब इन जानवरों को ट्रेन किया जाता है तो उन्हें कई बार अमानवीय ढंग से पीटा जाता है, मेटल के हुक से उन्हें चुभाया जाता है और शेरों के नाखून तोड़ दिए जाते हैं।
उन्हें इस लायक नहीं छोड़ा जाता कि वो वक्त आने पर खुद का बचाव कर सकें। आपको बता दें कि चीन के जू में जानवरों के बेहतरी और सुधार के लिए कोई कड़े नियम नहीं हैं।
जो जी में आए किया जाता है वैसा बर्ताव
कोई सक्त नियम ना होने के कारण कई बार बंदरों से जबरदस्ती बाइक चलवाई जाती है, उनका मेकअप किया जाता है और लोगों के रेस लगवाई जाती है।
पिछले साल एक वीडियो भी आया था जिसमें एक बंदर को एक भालू ने नोंच खाया था क्योंकि दोनों ही जानवरों को जबरदस्ती एक ही ट्रैक पर साइकिल चलाने को कहा गया।
हैरत होती है जानकर कि आस-पास खड़े लोग इस मंजर को देखकर खूब हंसे। कहने का मतलब ये है कि ना सिर्फ जू और सर्कसों के ओनर बल्कि इस तरह के खेल के बढ़ावे की वजह हम भी हैं, जो ऐसे कारनामों का मजा लेते हैं।