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Lok Sabha Election: 'अगर यूपीए का कार्यकाल जंगल राज था, तो एनडीए का राक्षस राज है', तेजस्वी का शाह पर पलटवार
Tue, 07 May 2024 05:47 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 07 May 2024 05:47 AM IST
सार
Lok Sabha Election: तेजस्वी यादव ने सोमवार को अमित शाह के बायन पर पलटवार करते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस नीत यूपीए के कार्यकाल को 'जंगल राज' कहा जा सकता था, तो भाजपा नीत एनडीए को 'राक्षस राज' कहा जा सकता है।
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राजद नेता तेजस्वी यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस नीत यूपीए के कार्यकाल को 'जंगल राज' कहा जा सकता था, तो भाजपा नीत एनडीए को 'राक्षस राज' कहा जा सकता है।
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पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि यूपीए सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, शिक्षा का अधिकार और मनरेगा जैसी कई पहल शुरू की थीं। उन्होंने कहा, (राजद सुप्रीमो) लालू प्रसाद के दौरान रेलवे ने अतिरिक्त राजस्व हासिल किया और गरीब रथ जैसी ट्रेनें शुरू की गईं। सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वालों ने एसी कोच में यात्रा करना शुरू कर दिया। अगर भाजपा के नेता इसे जंगल राज कहते हैं, तो पीएम मोदी के शाशन काल को राक्षस राज कहा जाना चाहिए।
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तेजस्वी की ओर से यह प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समस्तीपुर में एख चुनावी रैली में कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन सत्ता में आया तो देश में जंगल राज हो जाएगा और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण खत्म कर देगा। उनके आरोप को खारिज करते हुए राजद नेता ने कहा कि ये बातें हकीकत से कोसों दूर हैं। गृह मंत्री को लोगों से जुड़े मुद्दों के बारे में बात करनी चाहिए। लोगों ने भाजपा नीत एनडीए को करारा जवाब देने का फैसला किया और उन्हें चुनाव में अपमानजनक हार का सामना करना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा, हमने बिहार में वंचित जातियों का आरक्षण 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया था। हमने केंद्र से इस कानून को संविधान की नौवीं अनुसूचि में डालने का आग्रह किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?
पीएम मोदी के 12 मई को पटना में होने वाले रोड शो पर तेजस्वी ने कहा, बिहार में पिछली महागठबंधन सरकार के प्रदर्शन और राजद के घोषणापत्र में किए गए वादों ने प्रधानमंत्री को रोड शो करने के लिए मजबूर किया है।
शाह ने चुनावी रैली में क्या कहा
चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस और राजद पर ओबीसी आरक्षण का विरोध करके दलितों और पिछड़े वर्गों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लालू यादव जैसे नेता हमेशा वंचित वर्गों को आरक्षण देने के खिलाफ रहे हैं। अब ओबीसी आरक्षण पर डाका डालने वाली कांग्रेस की गोद में जा बैठे हैं। शाह ने आरोप लगाया कि अगर विपक्षी दलों का गठबंधन सत्ता में आया तो देश में 'जंगल राज' होगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखंड में नकदी बरामदगी से साबित होता है कि विपक्षी गठबंधन के नेता भ्रष्ट हैं। शाह ने कहा, इससे पहले कांग्रेस सांसद के घर से 350 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से पीएम पद का कोई प्रत्याशी न होने पर सवाल खड़े किए और कहा, यह किराने की दुकान चलाने के बारे में नहीं है। अगर कोरोना महामारी जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो क्या ये नेता देश को बचा सकते हैं? क्या वे देश को आतंकवादियों से बचा पाएंगे? उन्होंने कहा कि विपक्षी दल में शामिल लोग केवल झूठ फैला सकते