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Driving License: एक्सपायर हो गया ड्राइविंग लाइसेंस तो क्या भरना होगा फाइन, रिन्यू के लिए मिलता है कितना समय?
Tue, 04 Mar 2025 05:42 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 04 Mar 2025 05:42 PM IST
सार
Driving Licence Grace Period: ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने पर आरटीओ से मैसेस भेजे जाने की सुविधा नहीं है, जिससे लोगों को पता नहीं चल पाता कि उनका लाइसेंस एक्सपायर हो गया है। ऐसे में चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर ट्रैफिक पुलिस भारी जुर्माना वसूल लेती है।
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ड्राइविंग लाइसेंस
- फोटो : Freepik
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विस्तार
गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस का होना जरूरी है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के आप 50 सीसी से ऊपर की गाड़ी नहीं चला सकते। बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाते पकड़े गए तो भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ाता है। आमतौर पर ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि 20 साल तक होती है। इस अवधि के पूरा होने बाद आपको लाइसेंस दोबारा रिन्यू कराना पड़ता है, तभी आप गाड़ी चलाने के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। बता दें कि ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने पर आरटीओ से मैसेस भेजे जाने की सुविधा नहीं है, जिससे लोगों को पता नहीं चल पाता कि उनका लाइसेंस एक्सपायर हो गया है। ऐसे में चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर ट्रैफिक पुलिस भारी जुर्माना वसूल लेती है।
इसी समस्या से लोगों को बचाने के लिए मोटर वाहन कानून, 1988 के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद ग्रेस पीरियड (Grace Period) की सुविधा दी गई है। इससे लोगों को लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए कुछ दिनों की छूट मिल जाती है। यह ग्रेस पीरियड कितना होता है और लाइसेंस रिन्यू कराने में इसका फायदा कैसे उठाया जा सकता है, आइए जानते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता कितने दिनों की होती है?
मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने की तारीख से 20 साल तक या धारक की उम्र 40 साल (जो भी पहले पूरी हो) तक वैध होता है। 40 साल की उम्र के बाद ड्राइविंग लाइसेंस 10 साल के लिए जारी किया जाता है और फिर हर 5 साल में इसे रिन्यू कराना होता है। ऐसा नहीं करने पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल हो जाता है।
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ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के 1 साल के भीतर रिन्यू के लिए ड्राइविंग टेस्ट देना होता है। यह टेस्ट यह सुनिश्चित करता है कि आवेदक सुरक्षित रूप से वाहन चला सकता है या नहीं।
रिन्यू कराने के लिए मिलता है ग्रेस पीरियड
ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी वह 30 दिन तक वैलिड रहता है। इसी वैलिडिटी को ग्रेस पीरियड कहते हैं। इस बीच धारक को अपना ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए कोई फीस नहीं देनी पड़ती है। 30 दिनों के बाद रिन्यू कराने पर जुर्माना लगता है।
आपको ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए कुछ निर्धारित फीस देनी पड़ती है। यह फीस मोटर व्हीकल एक्ट और RTO के नियमों के अनुसार होते हैं, जो राज्यों के अनुसार अलग-अलग होते हैं।
उदाहरण के लिए अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए 400 रुपये फीस देनी होती है। यदि ग्रेस अवधि खत्म होने के बाद आवेदन देते हैं तो जुर्माने के तौर पर 300 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। वहीं अगर एक्सपायरी डेट निकलने के एक साल बाद रिन्यू कराया जाए तो फाइन के तौर पर 1000 रुपये भरना पड़ता है। मोटर वाहन एक्ट 1988 की धारा 177 के अनुसार, एक्सपायर लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाने को अपराध माना गया है।
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इसी समस्या से लोगों को बचाने के लिए मोटर वाहन कानून, 1988 के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद ग्रेस पीरियड (Grace Period) की सुविधा दी गई है। इससे लोगों को लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए कुछ दिनों की छूट मिल जाती है। यह ग्रेस पीरियड कितना होता है और लाइसेंस रिन्यू कराने में इसका फायदा कैसे उठाया जा सकता है, आइए जानते हैं।
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ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता कितने दिनों की होती है?
मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने की तारीख से 20 साल तक या धारक की उम्र 40 साल (जो भी पहले पूरी हो) तक वैध होता है। 40 साल की उम्र के बाद ड्राइविंग लाइसेंस 10 साल के लिए जारी किया जाता है और फिर हर 5 साल में इसे रिन्यू कराना होता है। ऐसा नहीं करने पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल हो जाता है।
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ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के 1 साल के भीतर रिन्यू के लिए ड्राइविंग टेस्ट देना होता है। यह टेस्ट यह सुनिश्चित करता है कि आवेदक सुरक्षित रूप से वाहन चला सकता है या नहीं।
रिन्यू कराने के लिए मिलता है ग्रेस पीरियड
ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी वह 30 दिन तक वैलिड रहता है। इसी वैलिडिटी को ग्रेस पीरियड कहते हैं। इस बीच धारक को अपना ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए कोई फीस नहीं देनी पड़ती है। 30 दिनों के बाद रिन्यू कराने पर जुर्माना लगता है।
आपको ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए कुछ निर्धारित फीस देनी पड़ती है। यह फीस मोटर व्हीकल एक्ट और RTO के नियमों के अनुसार होते हैं, जो राज्यों के अनुसार अलग-अलग होते हैं।
उदाहरण के लिए अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए 400 रुपये फीस देनी होती है। यदि ग्रेस अवधि खत्म होने के बाद आवेदन देते हैं तो जुर्माने के तौर पर 300 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। वहीं अगर एक्सपायरी डेट निकलने के एक साल बाद रिन्यू कराया जाए तो फाइन के तौर पर 1000 रुपये भरना पड़ता है। मोटर वाहन एक्ट 1988 की धारा 177 के अनुसार, एक्सपायर लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाने को अपराध माना गया है।