टोक्यो मोबिलिटी शो 2025: उड़ने वाली कार, फोल्डेबल इलेक्ट्रिक बाइक जैसी मोबिलिटी टेक्नोलॉजी की झलक पेश
टोक्यो ऑटो शो 2025 में तकनीक का जलवा दिखा। हाइड्रोजन कार से लेकर सौर ऊर्जा वाली ईवी तक और रोबोटिक चेयर से लेकर उड़ने वाली कार तक ने धूम मचा दी है, लेकिन अमेरिका के ट्रंप टैरिफ ने जापानी ऑटो उद्योग की चिंता बढ़ा दी है।
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विस्तार
टोक्यो मोबिलिटी शो 2025 का आगाज हो चुका है। यह शो जापान के टोक्यो में 30 अक्टूबर से 9 नवंबर 2025 तक चलेगा। इसका आयोजन जापान ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (JAMA) ने किया है। यह शो पहले टोक्यो मोटर शो के नाम से जाना जाता था। पहले यह शो सिर्फ कारों के प्रदर्शन तक ही सीमित था, जिसे अब भविष्य की मोबिलिटी टेक्नोलॉजी के प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। इस बार शो में इलेक्ट्रिक कारें, हाइड्रोजन वाहनों और यहां तक कि उड़ने वाली कारों और रोबोटिक चेयर्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। हालांकि, इस रोमांचक माहौल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जरिए लगाए गए नए ऑटो टैरिफ ने जापानी ऑटोमोबाइल कंपनियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
शो में पेश हुई रोबोटिक चेयर और हेलिकॉप्टर कार
होंडा मोटर कंपनी ने अपने भविष्य के यूनी-वन (UNI-ONE) रोबोटिक चेयर को पेश किया है। यह एक ऐसी पर्सनल मोबिलिटी मशीन है, जिस पर बैठकर आप आराम से अपने मंजिल तक पहुंच सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य है कि इसे 2035 तक बाजार में उतारा जाए। वहीं टोयोटा मोटर कॉर्प ने अमेरिकी कंपनी जॉबी एविएशन के साथ मिलकर एक हेलिकॉप्टर जैसी उड़ने वाली कार का कॉन्सेप्ट दिखाया है। इसमें छह प्रोपेलर लगे हैं और कंपनी इसे आने वाले वर्षों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लाने की योजना बना रही है।
सोलर पावर से चलने वाली कार पेश की गई
निसान मोटर कॉर्प ने अपने सकुरा ईवी का एक नई तकनीक से लैस प्रोटोटाइप पेश किया है। इस मॉडल में 'एओ-सोलर एक्सटेंडर' नाम का एक फीचर है जो कार की छत से सोलर पावर उत्पन्न करता है। इससे तैयार बिजली को घर के उपकरणों में इस्तेमाल किया जा सकता है और आपात स्थिति में बैकअप पावर के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। निसान का कहना है कि यह कॉन्सेप्ट खासकर पर्यावरण के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
ड्राइवर की भावनाएं पढ़ने वाली कार पेश
माजदा मोटर कॉर्प के सीईओ मासाहीरो मोरो ने कहा कि कंपनी ऐसी कारें विकसित कर रही है जो ड्राइवर की भावनाओं को पहचान सकें। साथ ही ये वाहन जितना अधिक चलेंगे, उतना कम कार्बन उत्सर्जन करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम मानते हैं कि ड्राइविंग का आनंद भविष्य को आकार देने की क्षमता रखता है।'
ट्रंप टैरिफ के कारण 1 लाख करोड़ से ज्यादा घाटे के आशंका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जापान से आने वाले वाहनों पर इंपोर्ट टैरिफ को 2.5% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। हालांकि यह पहले लगाए गए 25% टैरिफ से कम है, लेकिन फिर भी इससे जापानी ऑटो कंपनियों को सालाना 2 ट्रिलियन येन (लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपए) तक का नुकसान हो सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम जापान-अमेरिका के व्यापार संबंधों पर भी असर डालेगा और ऑटो निर्यात में गिरावट की संभावना है।
टैरिफ का असर कम करने के लिए अमेरिका में उत्पादन बढ़ाएगी कंपनियां
निसान और टोयोटा दोनों ने संकेत दिए हैं कि वे अमेरिका में अपने कारखानों में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करेंगी ताकि टैरिफ के असर को कम किया जा सके। साथ ही, कंपनियां अब ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे बाजारों में भी नए अवसर तलाश रही हैं। इस बीच, जापान सरकार ने भी अमेरिकी कार ब्रांड फोर्ड की गाड़ियां खरीदने और अमेरिका में $550 बिलियन का निवेश करने का वादा किया है।
टोयोटा ने पेश की फोल्डेबल इलेक्ट्रिक बाइक
टोयोटा ने एक नया कॉन्सेप्ट लैंड हॉपर पेश किया है। यह एक फोल्डेबल इलेक्ट्रिक बाइक है, जिसे कंपनी की लोकप्रिय एसयूवी लैंड क्रूजर एफजेड में फिट किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह कॉम्पैक्ट डिजाइन वाली बाइक अगले साल जापान में लॉन्च होगी। नए लैंड क्रूजर एफजेड में 2.7-लीटर पेट्रोल इंजन होगा और यह एसयूवी पहले से ही 190 देशों में 1.2 करोड़ यूनिट्स से ज्यादा बिक चुकी है।
विशेषज्ञों की राय
बीएमआई की ऑटो विश्लेषक डार्सी बोलिंग ने कहा, 'अमेरिका में बढ़े टैरिफ से जापान के वाहन उद्योग को झटका लग सकता है। कंपनियां अब अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने और नए बाजारों की तलाश करने की कोशिश करेंगी।' टोक्यो मोबिलिटी शो 2025 ने यह दिखाया है कि जापान की ऑटो इंडस्ट्री अब केवल वाहनों के मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सस्टेनेबल मोबिलिटी और इनोवेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ है। हालांकि, ट्रंप की नई टैरिफ नीति ने इस भविष्य की तेजी को लेकर आर्थिक अनिश्चितता की नई चुनौती जरूर खड़ी कर दी है।