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MACT: सड़क हादसे में मारे गए सुरक्षा गार्ड के परिवार को ₹13.85 लाख का मुआवजा, बीमा कंपनी की भूमिका पर फैसला
Mon, 27 Oct 2025 09:37 AM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 27 Oct 2025 09:37 AM IST
सार
मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने एक सड़क हादसे में मारे गए 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड के परिवार को 13.85 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AI
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विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने एक सड़क हादसे में मारे गए 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड के परिवार को 13.85 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
हादसे के वक्त ड्यूटी पर था
यह हादसा 14 मई 2022 को ठाणे के वागले एस्टेट इलाके में हुआ था। मृतक कमलेश राममूरत सिंह उस समय एक निजी कंपनी के कंपाउंड में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी पर थे।
उसी दौरान ठाणे के एक अस्पताल की पिकअप ट्रक, जिसे लापरवाही और तेज रफ्तार में चलाया जा रहा था, एक खड़ी वैन से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सिंह उस वैन और दीवार के बीच में दब गए। उन्हें गंभीर सिर की चोट लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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हादसे के वक्त ड्यूटी पर था
यह हादसा 14 मई 2022 को ठाणे के वागले एस्टेट इलाके में हुआ था। मृतक कमलेश राममूरत सिंह उस समय एक निजी कंपनी के कंपाउंड में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी पर थे।
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उसी दौरान ठाणे के एक अस्पताल की पिकअप ट्रक, जिसे लापरवाही और तेज रफ्तार में चलाया जा रहा था, एक खड़ी वैन से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सिंह उस वैन और दीवार के बीच में दब गए। उन्हें गंभीर सिर की चोट लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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CCTV फुटेज और चार्जशीट के आधार पर फैसला
MACT सदस्य आर. वी. मोहिते ने 10 अक्तूबर को दिए गए अपने फैसले में जांच अधिकारी द्वारा जब्त किए गए CCTV फुटेज और चार्जशीट पर भरोसा जताया।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि फुटेज में साफ दिखाई देता है कि टाटा पिकअप का ड्राइवर बहुत तेज और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके चलते उसने मारुति सुजुकी इको वैन को जोरदार टक्कर मारी।
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MACT सदस्य आर. वी. मोहिते ने 10 अक्तूबर को दिए गए अपने फैसले में जांच अधिकारी द्वारा जब्त किए गए CCTV फुटेज और चार्जशीट पर भरोसा जताया।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि फुटेज में साफ दिखाई देता है कि टाटा पिकअप का ड्राइवर बहुत तेज और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके चलते उसने मारुति सुजुकी इको वैन को जोरदार टक्कर मारी।
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बीमा कंपनी की भूमिका पर बड़ा फैसला
सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि ट्रक के मालिक ने बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन किया था। ट्रक का ड्राइवर हादसे के वक्त वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं रखता था।
फिर भी, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि पहले वह तीसरे पक्ष (मृतक के परिवार) को पूरा मुआवजा दे और उसके बाद यह रकम वाहन के मालिक या ड्राइवर से वसूल करे।
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सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि ट्रक के मालिक ने बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन किया था। ट्रक का ड्राइवर हादसे के वक्त वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं रखता था।
फिर भी, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि पहले वह तीसरे पक्ष (मृतक के परिवार) को पूरा मुआवजा दे और उसके बाद यह रकम वाहन के मालिक या ड्राइवर से वसूल करे।
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परिवार को मिलेगी ब्याज समेत रकम
ट्रिब्यूनल ने कुल 13,85,400 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। जिस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी शामिल होगा।
आदेश के मुताबिक, मृतक की पत्नी को 6.85 लाख रुपये, जबकि उनके दो बच्चों को 3.5 लाख-3.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
इसके अलावा, परिवार की सुरक्षा के लिए इस राशि का एक हिस्सा दो साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने का भी निर्देश दिया गया है।
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ट्रिब्यूनल ने कुल 13,85,400 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। जिस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी शामिल होगा।
आदेश के मुताबिक, मृतक की पत्नी को 6.85 लाख रुपये, जबकि उनके दो बच्चों को 3.5 लाख-3.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
इसके अलावा, परिवार की सुरक्षा के लिए इस राशि का एक हिस्सा दो साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने का भी निर्देश दिया गया है।
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