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Hindi News ›   Automobiles News ›   Tesla Model 3 Crash During Livestream in China Sparks Fresh Safety Debate Over ‘Full Self-Driving’

Tesla: लाइवस्ट्रीम में हुआ टेस्ला का एक्सीडेंट; क्या टेस्ला का 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' फीचर वाकई सुरक्षित है?

Fri, 26 Dec 2025 01:14 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Fri, 26 Dec 2025 01:14 PM IST
सार

चीन में एक लाइवस्ट्रीम के दौरान टेस्ला की टेस्ला मॉडल 3 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना ने कंपनी की 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' (FSD) तकनीक को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा उस समय हुआ, जब एक यूजर Douyin पर अपनी ड्राइव को लाइव स्ट्रीम कर रहा था।

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Tesla Model 3 Crash During Livestream in China Sparks Fresh Safety Debate Over ‘Full Self-Driving’
टेस्ला की 'फुल सेल्फ ड्राइविंग' तकनीक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : X/TeslaRobotaxi

विस्तार

चीन में एक लाइवस्ट्रीम के दौरान टेस्ला मॉडल 3 के दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर टेस्ला की 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' तकनीक की सुरक्षा और इसके नामकरण को लेकर ताजा विवाद छेड़ दिया है।
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क्या है पूरा मामला?

यह घटना पिछले हफ्ते की है, जब चीन की शॉर्ट फार्म वीडियो प्लेटफार्म डॉयिन (Douyin) पर एक यूजर अपनी कार के 'लेवल 2 ड्राइवर-सिस्टम' की क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए अपनी ड्राइव को लाइव ब्रॉडकास्ट कर रहा था। लाइवस्ट्रीम के दौरान ही, गाड़ी अचानक अपनी लेन से भटककर बाईं ओर (विपरीत दिशा से आने वाले ट्रैफिक के लिए आरक्षित लेन) चली गई और सामने से आ रही एक अन्य कार से टकरा गई। गनीमत यह रही कि इस टक्कर में किसी को गंभीर चोटें नहीं आईं।
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फुटेज ने खोली पोल

शुरुआत में ड्राइवर ने क्रैश का फुटेज साझा नहीं किया क्योंकि वह टेस्ला से सीधे मुआवजे की मांग कर रहा था। टेस्ला आमतौर पर अपने ऑटोनॉमस (स्वचालित) फीचर्स के लिए जिम्मेदारी लेने से बचती है। हालांकि बाद में ड्राइवर ने वीडियो जारी कर दिया। इसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दुर्घटना के समय FSD सिस्टम एक्टिव था और सिस्टम ने ही गलत तरीके से लेन बदलने की शुरुआत की थी।
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चीन के नियामकों के अनुसार 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' शब्द भ्रामक

इस घटना ने टेस्ला की तकनीक को लेकर चल रहे भ्रम को और गहरा कर दिया है। 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' नाम होने के बावजूद इस सिस्टम को इस्तेमाल करते समय ड्राइवर की लगातार निगरानी की आवश्यकता होती है। गौरतलब है कि इसी साल की शुरुआत में जब टेस्ला ने चीन में FSD लॉन्च किया था। तो वहां के नियामकों ने कंपनी को इसका नाम बदलने के लिए मजबूर किया था। उनका मानना था कि 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' शब्द भ्रामक है और यह सिस्टम की वास्तविक क्षमताओं को सही ढंग से नहीं दर्शाता।

सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम 

इन नियमों और टेस्ला की चेतावनियों के बावजूद, चीन में कई टेस्ला मालिक डॉयिन और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी ड्राइव को लाइवस्ट्रीम करना जारी रखते हैं। वे अक्सर यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि कार स्वतंत्र रूप से चल सकती है और इसकी तुलना स्थानीय चीनी वाहन निर्माताओं के सिस्टम से करते हैं।

अमेरिका में भी तकनीक को लेकर विवाद

टेस्ला के लिए यह समस्या केवल चीन तक सीमित नहीं है। इससे पहले कैलिफोर्निया के अधिकारियों ने भी आरोप लगाया था कि टेस्ला 'ऑटोपायलट' और 'फुल सेल्फ-ड्राइविंग' जैसे नामों का इस्तेमाल करके उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही है। वहां के एक जज ने टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग और सेल्स लाइसेंस को 30 दिनों के लिए निलंबित करने की सिफारिश भी की थी, जिसे फिलहाल रोक दिया गया है।
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