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Delhi MACT: सड़क हादसे में खत्म हुआ छात्र का करियर, दिव्यांग हुए युवक को 1.62 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश

Sun, 18 Jan 2026 03:23 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Sun, 18 Jan 2026 03:23 PM IST
सार

Road Accident Compensation: एमएसीटी ने एक अहम फैसला लेते हुए सड़क हादसे में घायल युवक को करीब 1.62 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। ये फैसला पीठासीन अधिकारी विक्रम ने आर्यन राणा की याचिका पर सुनवाई के बाद लिया।
 

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student's career cut short road accident court ordered compensation ₹1.62 crore young man who became disabled
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

दिल्ली मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) ने एक अहम फैसला लेते हुए सड़क हादसे में पीड़ित युवक को राहत दी। कोर्ट ने जुलाई 2024 में घायल हुए हादसे में 53 प्रतिशत दिव्यांग हुए युवक को 1.62 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।  ट्रिब्यूनल ने बस चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना और बीमा कंपनी को पूरी राशि जमा करने का निर्देश भी दिया ।

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कैसे हुआ था हादसा?

मामला एक जुलाई 2025 का है। इसके बाद 21 साल के छात्र आर्यन राणा की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। युवक स्कूटी से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बस ने उसकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसे गंभीर चोटें आईं और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

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कहा झूठा आरोप..

इसपर प्रतिवादियों ने खुद को झूठा फंसाए जाने का दावा किया, लेकिन कोई शिकायत नहीं दर्ज की। हालांकि पीठासीन अधिकारी विक्रम ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि ये हादसा पूरी तरह से बस ड्राइवर की लापरवाही का नतीजा था। चश्मदीद गवाहों और बस कंडक्टर ने खुद स्वीकारा कि बस स्कूटी को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी, जिससे उसे टक्कर लग गई। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने साफ कर दिया कि हादसा बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुआ। 

युवक की तकलीफें?

मेडिकल रिपोर्ट में आर्यन को 53% अस्थायी रूप से विकलांग बताया गया था, लेकिन ट्रिब्यूनल ने एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू पर ध्यान दिया। कोर्ट ने कहा कि हादसे के समय आर्यन यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष का एक होनहार छात्र था, लेकिन इस चोट के बाद वह कभी भी सामान्य नौकरी या कमाई करने लायक नहीं बन पाएगा। शारीरिक सुधार की संभावनाओं के बावजूद उसकी काम करने की क्षमता को 90% मानते हुए भारी-भरकम मुआवजा तय किया गया।

ट्रिब्यूनल ने अलग-अलग मदों के तहत कुल 1.62 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा मंजूर किया, जिसमें 59.36 लाख रुपये भविष्य की कमाई के नुकसान के लिए शामिल किया गया है। चूंकि हादसे के समय बस का बीमा वैध था, जिसके चलते ट्रिब्यूनल ने द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को उत्तरदायी ठहराया है। कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया कि मुआवजे की पूरी राशि आर्यन के इलाज और भविष्य की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द जमा की जाए।

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