सांसद महोदय खुलेआम दिखा रहे हैं VIP नंबर की 'धौंस', ताक पर रखा मोटर व्हीकल एक्ट
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कई बार लोग जाने-अनजाने में अपनी गाड़ियों पर फैंसी नंबर प्लेट लगा लेते हैं। जिसका खामियाजा उन्हें चालान भरकर चुकाना पड़ता है। ट्रैफिक नियमों की जानकारी न होने के चलते आम लोगों के साथ ऐसा संभव है, लेकिन यही गलती अगर सांसद महोदय करें, तो ट्रैफिक पुलिस देख कर भी अनदेखा कर देती है।
आंध्रप्रदेश के राजमुंदरी संसदीय क्षेत्र के सांसद
देश की संसद में चल रहे बजट सेशन में सभी राजनीतिक दलों के सांसद हिस्सा ले रहे हैं। वहीं इऩमें से कई सांसद ऐसे भी हैं, जो पहली बार 17वीं लोकसभा में चुन कर संसद पहुंचे हैं। इनमें से ही एक युवा सांसद है मरगानी भारत राम, जो आंध्रप्रदेश के राजमुंदरी संसदीय क्षेत्र से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद हैं।
उप्पल, तेलंगाना में रजिस्टर्ड
लेकिन सांसद महोदय खुले आम मोटर व्हीकल एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दरअसल सांसद महोदय के पास लाल रंग की डीजल की जैगुआर F-Pace है। जिसे उन्होंने पिछले साल ही खरीदी है और वाहन एप से मिली डिटेल्स के मुताबिक उन्होंने इसे पिछले साल 08 अक्टूबर, 2018 को उप्पल, तेलंगाना में रजिस्टर्ड कराया है।
अधूरा रजिस्ट्रेशन नंबर
लेकिन मामला उनकी गाड़ी के नंबर से जुड़ा है, उन्होंने अपनी गाड़ी के लिए वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर लिया हुआ है, जिसका नंबर TS08 GC 0001 है। लेकिन उन्होंने गाड़ी की नंबर प्लेट पर अक्षरों का फॉन्ट साइज इतना छोटा है कि आसानी से दिखाई नहीं देते। नंबर प्लेट पर उन्होंने 1 अंक को प्रमुखता दी हुई है, और रजिस्ट्रेशन संख्या भी अधूरी है, जिसमें 000 गायब है, जो सरासर मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है।
क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट
- मोटर व्हीकल एक्ट 1989 की नियम संख्या 50, 51 स्पष्ट करती है कि प्राइवेट गाड़ियों पर सफेद बैकग्राउंड पर काले अक्षरों से रजिस्ट्रेशन नंबर को अंकित किया जाए। वहीं कमर्शियल वाहनों पर पीली रंग की नंबर प्लेट लगी होना अनिवार्य है।
- सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के सेक्शन 50 के अनुसार रजिस्ट्रेशन मार्क सभी मोटर व्हीकल्स के फ्रंट और रियर में लाइसेंस प्लेट पर डिस्प्ले किया जाना चाहिए।
- प्लेट 1.0 एमएम एलुमिनियम से बनी होनी चाहिए, वहीं लाइट मोटर व्हीकल्स/पैसेंजर कार के लिए नंबर प्लेट का साइज 340 x 200 एमएम/500 x 120 एमएम है।
- एक्ट के अनुसार रजिस्ट्रेशन नंबर के लेटर्स इंग्लिश में होने चाहिए, वहीं फिगर्स अरबिक अंकों में लिखे होने चाहिए।
- रजिस्ट्रेशन संख्या दो लाइन्स में लिखी होनी चाहिए, पहले लाइन में स्टेट कोड और रजिस्टर्ड अथॉरिटी का कोड और दूसरे लाइन में नंबर होना चाहिए।
- वाहन पर लगी नंबर प्लेट का नंबर पढ़ने योग्य होना चाहिए।
- नंबर प्लेट पर नंबर एक ही साइज व सीधे-सीधे अक्षरों में लिखे होने चाहिए, ऊपर-नीचे लिखे नंबर को खराब या आपत्तिजनक माना जाएगा। जो फैंसी नंबर प्लेट की श्रेणी में आएगा।
- वहीं कई प्रदेशों की सरकारें हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट्स लगाने के आदेश जारी कर चुकी हैं। ऐसे में सांसद की गाड़ी की नंबर प्लेट को फैंसी प्लेट की श्रेणी में आती है।
- हालांकि फैंसी नंबर प्लेटों को लेकर हर राज्य के मोटर-व्हीकल एक्ट में जुर्माने के अलग-अलग मानक हैं। मौजूदा कानून के तहत जुर्माने की रकम 2000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक है, जिसमें एक साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है।