{"_id":"657d8f2643b320cde006a624","slug":"pune-mahanagar-parivahan-mahamandal-limited-90-per-cent-buses-are-using-cleaner-fuels-says-pmpml-chief-2023-12-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"EV: हमारी 90 प्रतिशत बसें ईवी मॉडल हैं, जो स्वच्छ ईंधन का करती हैं इस्तेमाल, पीएमपीएमएल प्रमुख का बयान","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
EV: हमारी 90 प्रतिशत बसें ईवी मॉडल हैं, जो स्वच्छ ईंधन का करती हैं इस्तेमाल, पीएमपीएमएल प्रमुख का बयान
Sat, 16 Dec 2023 05:21 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 16 Dec 2023 05:21 PM IST
सार
पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (पीएमपीएमएल) के तहत चलने वाली लगभग 90 प्रतिशत बसें स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल कर रही हैं। जिनमें से 67 प्रतिशत सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) पर चलती हैं, जबकि 23 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) हैं।
विज्ञापन
For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (पीएमपीएमएल) के तहत चलने वाली लगभग 90 प्रतिशत बसें स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल कर रही हैं। जिनमें से 67 प्रतिशत सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) पर चलती हैं, जबकि 23 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) हैं। यह जानकारी पीएमपीएमएल के नए नियुक्त हुए सीएमडी, संजय कोलते ने शुक्रवार को डेक्कन कॉलेज ग्राउंड, पुणे में आयोजित नेक्सजेन मोबिलिटी शो 2023 के उद्घाटन समारोह में दी।
उन्होंने कहा, "परिवहन सेवा की शुरुआत से ही, हमने सार्वजनिक परिवहन को और ज्यादा टिकाऊ बनाने की कोशिश की गई है। इस समय, कुल बेड़े का सिर्फ 10 प्रतिशत डीजल पर चलता है, और इसे आने वाले वर्षों में धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा।"
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान सीएमडी ने बताया कि पीएमपीएमएल का टिकाऊपन और अर्बन मोबिलिटी सॉल्यूशंस (शहरी गतिशीलता समाधानों) के प्रति समर्पण 2009 में शुरू हुआ था। इस समय कुल 2119 बसें हैं, जिनमें से 1431 बसें सीएनजी पर चल रही हैं और 473 इलेक्ट्रिक बसें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा, "परिवहन सेवा की शुरुआत से ही, हमने सार्वजनिक परिवहन को और ज्यादा टिकाऊ बनाने की कोशिश की गई है। इस समय, कुल बेड़े का सिर्फ 10 प्रतिशत डीजल पर चलता है, और इसे आने वाले वर्षों में धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा।"
विज्ञापन
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान सीएमडी ने बताया कि पीएमपीएमएल का टिकाऊपन और अर्बन मोबिलिटी सॉल्यूशंस (शहरी गतिशीलता समाधानों) के प्रति समर्पण 2009 में शुरू हुआ था। इस समय कुल 2119 बसें हैं, जिनमें से 1431 बसें सीएनजी पर चल रही हैं और 473 इलेक्ट्रिक बसें हैं।
विज्ञापन
For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
दूसरी पहल पर चर्चा करते हुए, उन्होंने शहर के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक के संबंध में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) की कार्यप्रणाली के बारे में बात की।
उन्होंने बताया कि बीआरटीएस रूट पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) और पुणे नगर निगम (पीएमसी) में चलते हैं। जो बसों के लिए बीच में डेडिकेटेड लेन प्रदान करते हैं और साथ ही अच्छी तरह से निर्धारित बस स्टॉपेज भी हैं। उन्होंने आगे कहा, "शहरी गतिशीलता के नजरिए से, यह प्रणाली ईंधन की बचत करती है और कुल परिचालन किलोमीटर को बढ़ाती है।"
जब उनसे सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए पीएमपीएमएल की कोशिशों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनकी एक रणनीति उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य हेल्पलाइन नंबरों को ज्यादा दिखाई देने वाली बनाना है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण का मकसद लोगों में पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में पीएमपीएमएल को चुनने के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
कोलते ने कहा, "हम अपना एप लॉन्च कर रहे हैं, जो न सिर्फ टिकटिंग और बस के शेड्यूल को ट्रैक करने में काम आएगा, बल्कि यूजर्स को हमारी योजनाओं और आने वाली कोशिशों के बारे में जानकारी भी देगा।" कोलते पुणे स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएससीडीएल) के सीईओ के रूप में भी काम करते हैं।
मोबिलिटी सॉल्यूशन में पीएमपीएमएल और पीएससीडीसीएल के संयुक्त प्रयासों पर चर्चा करते हुए, सीईओ ने कहा कि इन दोनों निकायों ने पहले भी शहर में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए मिलकर काम किया है। उन्होंने कहा, "शहर में 150 पीएमपीएमएल ईवी बसों के पहले बैच को स्मार्ट सिटी मिशन ग्रांट द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी की मदद से खरीदा गया था। हालांकि निविदा प्रक्रिया पीएमपीएमएल के तहत थी। लेकिन पीएससीडीसीएल ने प्रति बस 50 लाख रुपये की सब्सिडी दी थी।"
उन्होंने बताया कि बीआरटीएस रूट पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) और पुणे नगर निगम (पीएमसी) में चलते हैं। जो बसों के लिए बीच में डेडिकेटेड लेन प्रदान करते हैं और साथ ही अच्छी तरह से निर्धारित बस स्टॉपेज भी हैं। उन्होंने आगे कहा, "शहरी गतिशीलता के नजरिए से, यह प्रणाली ईंधन की बचत करती है और कुल परिचालन किलोमीटर को बढ़ाती है।"
जब उनसे सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए पीएमपीएमएल की कोशिशों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनकी एक रणनीति उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य हेल्पलाइन नंबरों को ज्यादा दिखाई देने वाली बनाना है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण का मकसद लोगों में पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में पीएमपीएमएल को चुनने के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
कोलते ने कहा, "हम अपना एप लॉन्च कर रहे हैं, जो न सिर्फ टिकटिंग और बस के शेड्यूल को ट्रैक करने में काम आएगा, बल्कि यूजर्स को हमारी योजनाओं और आने वाली कोशिशों के बारे में जानकारी भी देगा।" कोलते पुणे स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएससीडीएल) के सीईओ के रूप में भी काम करते हैं।
मोबिलिटी सॉल्यूशन में पीएमपीएमएल और पीएससीडीसीएल के संयुक्त प्रयासों पर चर्चा करते हुए, सीईओ ने कहा कि इन दोनों निकायों ने पहले भी शहर में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए मिलकर काम किया है। उन्होंने कहा, "शहर में 150 पीएमपीएमएल ईवी बसों के पहले बैच को स्मार्ट सिटी मिशन ग्रांट द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी की मदद से खरीदा गया था। हालांकि निविदा प्रक्रिया पीएमपीएमएल के तहत थी। लेकिन पीएससीडीसीएल ने प्रति बस 50 लाख रुपये की सब्सिडी दी थी।"