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No PUCC-No Fuel: ओडिशा में बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सरकार ने नियम को एक अप्रैल तक बढ़ाया
Thu, 01 Jan 2026 06:34 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 01 Jan 2026 06:34 PM IST
सार
ओडिशा सरकार ने वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) न रखने वाली गाड़ियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को दूसरी बार बढ़ाने की घोषणा की है।
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प्रदूषण जांच केंद्र
- फोटो : अनुज कुमार
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विस्तार
ओडिशा सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना पेट्रोल न देने के नियम के अमल को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। राज्य के परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने कहा है कि "PUCC नहीं तो, पेट्रोल नहीं" नियम का सख्त प्रवर्तन अब 1 अप्रैल से शुरू होगा। सरकार ने वाहन मालिकों को 31 मार्च तक का समय दिया है ताकि वे अपना वैध PUCC बनवा सकें।
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पहले जनवरी, फिर फरवरी- अब अप्रैल से लागू होगा नियम
यह अभियान मूल रूप से 1 जनवरी से लागू होना था, लेकिन पहले इसे 1 फरवरी तक टाल दिया गया। अब दूसरी बार विस्तार देते हुए सरकार ने प्रवर्तन की नई तारीख 1 अप्रैल तय की है। मंत्री ने कहा कि आम लोगों को पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। ताकि किसी को अचानक परेशानी न हो और सभी वाहन नियमों के अनुरूप आ सकें।
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यह अभियान मूल रूप से 1 जनवरी से लागू होना था, लेकिन पहले इसे 1 फरवरी तक टाल दिया गया। अब दूसरी बार विस्तार देते हुए सरकार ने प्रवर्तन की नई तारीख 1 अप्रैल तय की है। मंत्री ने कहा कि आम लोगों को पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। ताकि किसी को अचानक परेशानी न हो और सभी वाहन नियमों के अनुरूप आ सकें।
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पेट्रोल पंपों के लिए SOP और ग्रीन स्टिकर की तैयारी
परिवहन विभाग पेट्रोल पंपों पर नियम लागू करने के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रहा है। पहचान को आसान बनाने के लिए PUCC-समर्थित वाहनों पर हरा स्टिकर लगाने की योजना अंतिम चरण में है। इन स्टिकरों का वितरण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के माध्यम से किया जा सकता है, ताकि पेट्रोल पंपों पर जांच सरल हो सके।
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परिवहन विभाग पेट्रोल पंपों पर नियम लागू करने के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रहा है। पहचान को आसान बनाने के लिए PUCC-समर्थित वाहनों पर हरा स्टिकर लगाने की योजना अंतिम चरण में है। इन स्टिकरों का वितरण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के माध्यम से किया जा सकता है, ताकि पेट्रोल पंपों पर जांच सरल हो सके।
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पेट्रोल पंप संचालकों की व्यावहारिक चिंताएं
पेट्रोल पंप संचालकों ने नियम के व्यावहारिक पहलुओं को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि हर वाहन का PUCC जांचना उपभोक्ताओं के लिए असुविधाजनक हो सकता है। साथ ही, प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता जांचने के लिए पर्याप्त तंत्र न होने से पंपों पर अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने का खतरा है।
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पेट्रोल पंप संचालकों ने नियम के व्यावहारिक पहलुओं को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि हर वाहन का PUCC जांचना उपभोक्ताओं के लिए असुविधाजनक हो सकता है। साथ ही, प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता जांचने के लिए पर्याप्त तंत्र न होने से पंपों पर अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने का खतरा है।
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PUCC केंद्रों पर उमड़ी भीड़, फर्जी केंद्र बंद
20 दिसंबर को सरकार की घोषणा के बाद, जो उत्सर्जन परीक्षण केंद्र आमतौर पर खाली रहते थे, वहां लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन मालिकों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे घबराहट और भ्रम की स्थिति बनी। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने नए उत्सर्जन परीक्षण केंद्रों को त्वरित लाइसेंस देने का आश्वासन दिया है। मंत्री के अनुसार, अब तक 42 फर्जी PUCC केंद्र बंद किए जा चुके हैं।
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कानून क्या कहता है और कितनी सजा हो सकती है
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत सार्वजनिक स्थानों पर चलने वाले हर वाहन के लिए तय उत्सर्जन मानकों का पालन अनिवार्य है। BS-IV और BS-VI वाहनों के लिए PUCC हर साल जरूरी होता है, जबकि BS-IV से नीचे के वाहनों के लिए यह प्रमाणपत्र अनिवार्य है। उल्लंघन पर पहली बार 10,000 रुपये का जुर्माना और दोबारा गलती पर 20,000 रुपये तक का दंड लग सकता है। इसके साथ ही, तीन महीने तक की जेल और उतनी ही अवधि के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान भी है।
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सरकार का संदेश साफ
सरकार का कहना है कि यह कदम सड़कों पर बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जरूरी है। अतिरिक्त समय देने के बाद 1 अप्रैल से नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि स्वच्छ हवा और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके।
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