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Underground Highway: NHAI हिमाचल प्रदेश में बनाएगी भूमिगत राजमार्ग, होगा 85 किमी लंबा और चार-लेन चौड़ा
Tue, 09 Jul 2024 07:43 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 09 Jul 2024 07:43 PM IST
सार
देश में अब हाई-टेक हाईवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। अब हिमाचल प्रदेश में 85 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क को भूमिगत बनाया जाएगा। जानें डिटेल्स।
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National Highway
- फोटो : X@nitin_gadkari
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विस्तार
देश में अब हाई-टेक हाईवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इनमें 8-लेन, 4-लेन और एलिवेटेड एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि ये ऑटोमैटिक टोल सिस्टम जैसी कई अन्य सुविधाओं से लैस हैं। हिमाचल प्रदेश में 85 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क को भूमिगत बनाया जाएगा।
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इस चार-लेन परियोजना के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को केंद्र सरकार और पर्यावरण मंत्रालय से जरूरी स्वीकृति मिल गई है। इस 85 किलोमीटर लंबे हाईवे पर कई सुरंगों का निर्माण किया जाएगा।
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NHAI हिमाचल प्रदेश में विभिन्न हाईवे पर 68 सुरंगों का निर्माण करेगा। इनमें से 11 सुरंगों पर काम पहले ही पूरा हो चुका है। जबकि 27 सुरंगों पर अभी भी काम चल रहा है। इन चार-लेन हाईवे के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का 50 प्रतिशत से ज्यादा कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।
पिछले साल, हिमाचल प्रदेश में बारिश की आपदा के कारण कुल्लू और मंडी में किरतपुर-मनाली हाईवे सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके अलावा, पठानकोट-मंडी और पिंजौर-नालागढ़ भी इस आपदा से प्रभावित हुए थे। इन हाईवे पर हुए नुकसान के बाद, NHAI को हाईवे का सर्वेक्षण करने के बाद सुरंग बनाने के सुझाव मिले। इन सुझावों पर NHAI ने ज्यादातर चार-लेन हाईवे को सुरंगों के जरिए रिप्लेस की तैयारी कर ली है।
इन सुरंगों के निर्माण से राज्य में सभी चार-लेन सड़कों की दूरी 126 किलोमीटर कम हो जाएगी। और यात्रियों का यात्रा समय 13 घंटे कम हो जाएगा। साथ ही हिमाचल में हिमपात और बारिश के कारण ट्रैफिक प्रभावित नहीं होगा। हिमाचल में पठानकोट-मंडी, कालका-शिमला, शिमला-मातौर, किरतपुर-मनाली और पिंजौर-नालागढ़ नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है। इन हाईवे पर 68 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 41 किलोमीटर लंबे किरतपुर-मनाली हाईवे पर 28 सुरंगों की योजना है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च में मुंबई शहर के भीतर सबसे लंबी भूमिगत सड़क का उद्घाटन किया। 3.93 किलोमीटर की लंबाई के साथ, मुंबई कोस्टल रोड परियोजना में प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से प्रियदर्शनी पार्क तक जाने वाली दो सुरंगें शामिल हैं।
यह परियोजना सुरंग प्रकाश व्यवस्था के डिजाइन और क्रियान्वयन में विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एडवांल्ड एलईडी टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंट कंट्रोल सिस्टम से लैस, सुरंगें उत्कृष्ट विजिबिलिटी, सुरक्षा और ऊर्जा बचत सुनिश्चित करती हैं।