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Mountain Driving: गर्मी की छुट्टी में पहाड़ों पर ड्राइव करने जा रहे हैं? आपकी जिंदगी बचा सकते हैं ये अहम टिप्स
Sat, 25 May 2024 01:02 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 25 May 2024 01:02 PM IST
सार
पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय कुछ महत्वपूर्ण टिप्स का पालन करने से यह अनुभव यादगार बन सकता है।
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Traveling with Off-Road Car in Mountains
- फोटो : Freepik
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विस्तार
गर्मियों का मौसम है और हम में से कई लोग पहले से ही पहाड़ों पर जाने के लिए लॉन्ग ड्राइव की योजना बना रहे हैं। न सिर्फ भीषण गर्मी में झुलसने के बाद कुछ ठंडक हासिल करने के लिए। बल्कि ताजी हवा में सांस लेने, सुंदर नजारों को देखने और रोजमर्रा की शहरी दिनचर्या से छुटकारा पाने के लिए भी। गाड़ी चलाने के शौकीनों के लिए, यह ऊंचे पहाड़ों में कार चलाने का एक और मौका और बहाना हो सकता है, जो ताउम्र तक संजोने वाली यादें हो सकती हैं।
हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर कुछ बुनियादी नियमों का पालन न किया जाए, तो ये यादें भयानक भी बन सकती हैं। यहां हम आपको पहाड़ों में गाड़ी चलाना सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स बता रहे हैं। जो आपके ड्राइविंग को सबसे यादगार में से एक बना सकते हैं।
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हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर कुछ बुनियादी नियमों का पालन न किया जाए, तो ये यादें भयानक भी बन सकती हैं। यहां हम आपको पहाड़ों में गाड़ी चलाना सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स बता रहे हैं। जो आपके ड्राइविंग को सबसे यादगार में से एक बना सकते हैं।
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कभी ओवरटेक न करें
हाइवे पर या यहां तक कि शहरी सड़कों पर भी ओवरटेक करना ठीक है। लेकिन पहाड़ों पर कभी भी किसी अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश न करें। ऐसा करने से दुर्घटना हो सकती है। पहाड़ी रास्ते संकरे होते हैं और उनमें मुश्किल कोने और अंधे मोड़ होते हैं। ऐसे रास्तों पर ओवरटेक करने की कोशिश आपके और अन्य वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकता है।
हाइवे पर या यहां तक कि शहरी सड़कों पर भी ओवरटेक करना ठीक है। लेकिन पहाड़ों पर कभी भी किसी अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश न करें। ऐसा करने से दुर्घटना हो सकती है। पहाड़ी रास्ते संकरे होते हैं और उनमें मुश्किल कोने और अंधे मोड़ होते हैं। ऐसे रास्तों पर ओवरटेक करने की कोशिश आपके और अन्य वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकता है।
धीमी रफ्तार से गाड़ी चलाएं
पहाड़ी रास्तों पर धीमी रफ्तार से गाड़ी चलाने के कई फायदे हैं। सबसे पहले, इससे वाहन का नियंत्रण आपके हाथ में रहता है। किसी भी खतरनाक स्थिति में, धीमी रफ्तार से चलने वाले वाहन को कंट्रोल करना तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन को नियंत्रित करने से कहीं ज्यादा आसान होता है। दूसरा, धीमी स्पीड से गाड़ी चलाने से आप रास्तों और आसपास के वातावरण का भी थोड़ा आनंद ले सकेंगे।
पहाड़ी रास्तों पर धीमी रफ्तार से गाड़ी चलाने के कई फायदे हैं। सबसे पहले, इससे वाहन का नियंत्रण आपके हाथ में रहता है। किसी भी खतरनाक स्थिति में, धीमी रफ्तार से चलने वाले वाहन को कंट्रोल करना तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन को नियंत्रित करने से कहीं ज्यादा आसान होता है। दूसरा, धीमी स्पीड से गाड़ी चलाने से आप रास्तों और आसपास के वातावरण का भी थोड़ा आनंद ले सकेंगे।
सही गियर में ड्राइव करें
पहाड़ों में गाड़ी चलाते समय सबसे महत्वपूर्ण सुझावों में से एक है चढ़ाई पर चढ़ते समय और खास तौर पर नीचे आते समय सही गियर में गाड़ी चलाना। ऊपर चढ़ते समय गुरुत्वाकर्षण वाहन को धीमा करके उसके खिलाफ काम करता है। इसलिए, लोअर गियर में ड्राइव करें जहां टॉर्क आउटपुट अधिकतम होगा। नीचे आते समय, पहली या दूसरी गियर में ड्राइव करें। क्योंकि लो गियर में गाड़ी तेज नहीं होगी और वाहन पर नियंत्रण बना रहेगा।
पहाड़ों में गाड़ी चलाते समय सबसे महत्वपूर्ण सुझावों में से एक है चढ़ाई पर चढ़ते समय और खास तौर पर नीचे आते समय सही गियर में गाड़ी चलाना। ऊपर चढ़ते समय गुरुत्वाकर्षण वाहन को धीमा करके उसके खिलाफ काम करता है। इसलिए, लोअर गियर में ड्राइव करें जहां टॉर्क आउटपुट अधिकतम होगा। नीचे आते समय, पहली या दूसरी गियर में ड्राइव करें। क्योंकि लो गियर में गाड़ी तेज नहीं होगी और वाहन पर नियंत्रण बना रहेगा।
इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल करें
पहाड़ों में गाड़ी चलाते समय पारंपरिक फुट पेडल का इस्तेमाल करने की तुलना में इंजन ब्रेकिंग ब्रेक लगाने का एक अत्यधिक प्रभावी तरीका है। नीचे आते समय, धीमी रफ्तार से गाड़ी चलाना सुनिश्चित करें। और इस तकनीक का इस्तेमाल करें ताकि ब्रेक पैड जलें नहीं और खराब न हों, क्योंकि यह विनाशकारी हो सकता है।
पहाड़ों में गाड़ी चलाते समय पारंपरिक फुट पेडल का इस्तेमाल करने की तुलना में इंजन ब्रेकिंग ब्रेक लगाने का एक अत्यधिक प्रभावी तरीका है। नीचे आते समय, धीमी रफ्तार से गाड़ी चलाना सुनिश्चित करें। और इस तकनीक का इस्तेमाल करें ताकि ब्रेक पैड जलें नहीं और खराब न हों, क्योंकि यह विनाशकारी हो सकता है।
नीचे जाते समय न्यूट्रल में गाड़ी न चलाएं
कई ड्राइवरों का मानना है कि नीचे आते समय न्यूट्रल में गाड़ी चलाना ठीक है। हालांकि, ऐसा करने से गियर इंजन से अलग हो जाता है और वाहन रफ्तार पकड़ लेता है। जिसकी वजह से घातक दुर्घटना हो सकती है। इसलिए, न्यूट्रल में गाड़ी चलाने से हमेशा बचें और अपने हाथ में वाहन का नियंत्रण रखने के लिए पहली या दूसरी गियर में गाड़ी चलाना सुनिश्चित करें।
कई ड्राइवरों का मानना है कि नीचे आते समय न्यूट्रल में गाड़ी चलाना ठीक है। हालांकि, ऐसा करने से गियर इंजन से अलग हो जाता है और वाहन रफ्तार पकड़ लेता है। जिसकी वजह से घातक दुर्घटना हो सकती है। इसलिए, न्यूट्रल में गाड़ी चलाने से हमेशा बचें और अपने हाथ में वाहन का नियंत्रण रखने के लिए पहली या दूसरी गियर में गाड़ी चलाना सुनिश्चित करें।
आधा क्लच दबाकर गाड़ी न चलाएं
कई ड्राइवरों के बीच एक और आम गलतफहमी यह है कि क्लच को आधा दबाकर गाड़ी चलाना ठीक है। ऐसा करने से क्लच पूरी तरह से अलग नहीं होता। साथ ही, इस प्रक्रिया में क्लच प्लेट जल सकती है। दरअसल, कुछ महीने पहले मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर लंबे ट्रैफिक जाम का यही कारण था। जिसकी वजह से यातायात ठप हो गया था।
कई ड्राइवरों के बीच एक और आम गलतफहमी यह है कि क्लच को आधा दबाकर गाड़ी चलाना ठीक है। ऐसा करने से क्लच पूरी तरह से अलग नहीं होता। साथ ही, इस प्रक्रिया में क्लच प्लेट जल सकती है। दरअसल, कुछ महीने पहले मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर लंबे ट्रैफिक जाम का यही कारण था। जिसकी वजह से यातायात ठप हो गया था।