फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   MoRTH asked to explore option to charge Toll on National Highways Based on Vehicle Weight

Toll Tax: जल्द ही वाहन के वजन के आधार पर नेशनल हाईवे पर वसूला जा सकता है टोल, जानें MoRTH की योजना

Sat, 16 Dec 2023 07:36 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 16 Dec 2023 07:36 PM IST
सार

नेशनल हाईवे पर ओवरलोडेड वाहनों की समस्या को उजागर करते हुए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) (एमओआरटीएच) से एक्सल-आधारित फीस कलेक्शन के बजाय वाहनों के वजन के आधार पर टोल वसूलने के विकल्प पर विचार करने के लिए कहा गया है।

विज्ञापन
MoRTH asked to explore option to charge Toll on National Highways Based on Vehicle Weight
लोडेड ट्रक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल हाईवे पर ओवरलोडेड वाहनों की समस्या को उजागर करते हुए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) (एमओआरटीएच) से एक्सल-आधारित फीस कलेक्शन के बजाय वाहनों के वजन के आधार पर टोल वसूलने के विकल्प पर विचार करने के लिए कहा गया है। राज्यसभा सदस्य वी विजयसाई रेड्डी की अध्यक्षता वाली एक संसदीय स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि ऑटोमैटिक चालान/जुर्माना जारी करने के लिए वेट-इन-मोशन प्रणाली के कार्यान्वयन से भारी वाहन मालिकों के साथ भ्रष्ट अधिकारियों की संभावित मिलीभगत खत्म हो जाएगी। इसके साथ हीओवरलोडिंग की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


समिति ने कहा, "समिति की सिफारिश है कि मंत्रालय एक्सल-आधारित टोल संग्रह के बजाय वाहनों के वजन के आधार पर टोल वसूलने के प्रावधानों में सुधार की संभावनाओं का पता लगाए।" मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि उसने सिफारिश पर ध्यान दिया है।
विज्ञापन


समिति ने यह भी "दृढ़ता से सिफारिश" की है कि मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडेड वाहनों की समस्या को कम करने के लिए तुरंत उपाय करे। मंत्रालय को लंबे समय से बंद पड़े वजन मापने वाले उपकरणों को भी ठीक करने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले हफ्ते पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि "निर्धारित सीमा का पालन न करने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।"

MoRTH को संबंधित मंत्रालयों और राज्य विभागों के साथ तालमेल बैठाने के लिए भी कहा गया था। ताकि ट्रक मालिकों के अलावा, माल भेजने वाले (कंसाइनर) और माल हासिल करने वाले (कंसाइनी) पर भी जुर्माने का प्रावधान लागू किया जा सके।

समिति ने आगे कहा, "समिति को लगता है कि ऐसा करने से स्रोत से ही अतिरिक्त भार लादने से रोका जा सकेगा और राष्ट्रीय राजमार्गों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। साथ ही साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।" 

MoRTH asked to explore option to charge Toll on National Highways Based on Vehicle Weight
ओवरलोड ट्रक - फोटो : अमर उजाला
मंत्रालय ने समिति को बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के मुताबिक, एक मैकेनिकल वाहन जिसे नियमों के तय अधिकतम सकल भार से ज्यादा भार लादा गया है, उसे राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल करने या टोल प्लाजा पार करने की इजाजत नहीं है, जब तक कि अतिरिक्त भार हटा नहीं दिया जाता है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडिंग को रोकने के लिए नियमों में ओवरलोडेड वाहनों के लिए जुर्माने का भी प्रावधान है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि ओवरलोडेड वाहनों को अगले उच्च श्रेणी का लागू शुल्क देना होगा।

2013 में, MoRTH ने नियम में संशोधन किया और ओवरलोडिंग के लिए शुल्क को लागू शुल्क के 10 गुना बढ़ा दिया गया। नियमों को 2018 में फिर से बदला गया। इस समय सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित टोल प्लाजा पर, 2018 के आदेश के अनुसार ओवरलोड टैरिफ वसूला जाता है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) रियायती समझौतों के लिए, ओवरलोडेड वाहनों पर जुर्माना रियायतकर्ता द्वारा उनके संबंधित समझौतों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार लगाया जा रहा है।

मंत्रालय ने कहा, "आमतौर पर किसी भी ओवरलोडेड वाहन के लिए, उपयोगकर्ता शुल्क वही वसूला जाता है जो अगले उच्च श्रेणी के वाहन के लिए निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क के बराबर होता है।"

ओवरलोडेड वाहन और जिनके लोड बाहर निकले हुए हैं या लटक रहे हैं, वे यातायात के लिए खतरा हैं। जिससे खुद उनके और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। 2022 के दौरान, ओवरलोडेड वाहन कुल दुर्घटनाओं का 6.1 प्रतिशत, कुल मृतकों का 7.2 प्रतिशत और कुल घायलों का 6.5 प्रतिशत हिस्सा थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed