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E20 फ्यूल पर महिंद्रा का बयान: गाड़ियों को नुकसान नहीं, लेकिन माइलेज और पिकअप पर पड़ेगा असर
Sun, 14 Sep 2025 05:35 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 14 Sep 2025 05:35 PM IST
सार
Mahindra E20 Petrol: देशभर के पेट्रोल पंपों पर अब सिर्फ E20 फ्यूल मिल रहा है। महिंद्रा ने साफ किया है कि यह इंजन के लिए सुरक्षित है, लेकिन ड्राइवरों को माइलेज और परफॉर्मेंस में कमी महसूस हो सकती है।
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महिंद्रा
- फोटो : Mahindra
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विस्तार
देश के पेट्रोल पंपों पर चुपचाप एक बड़ा बदलाव हो चुका है। करीब 90,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों पर अब केवल E20 पेट्रोल उपलब्ध है, यानी ऐसा फ्यूल जिसमें 20% इथेनॉल और 80% पारंपरिक पेट्रोल मिलाया गया है। जो चीज पहले विकल्प थी, अब वही एकमात्र विकल्प बन गई है। लेकिन इसकी वजह से कार मालिकों में कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गई हैं—खासतौर पर गाड़ियों के परफॉर्मेंस और पुराने इंजनों की सेहत को लेकर।
E20 फ्यूल इस्तेमाल सुरक्षित
इसी बीच, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने ग्राहकों की चिंताओं को लेकर अपना पक्ष रखा है। कंपनी के ऑटोमोटिव डिविजन के हेड नलिनीकांत गल्लगुंटा ने साफ कहा है कि E20 फ्यूल इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इससे माइलेज कम हो सकता है और एक्सेलेरेशन थोड़ा कमजोर महसूस होगा। महिंद्रा अगले हफ्ते अपने ग्राहकों के लिए एक डिटेल्ड एडवाइजरी जारी करने जा रही है, जिससे लोगों को सही गाइडेंस मिल सके।
यह भी पढ़ें: नितिन गडकरी: डीजल में इथेनॉल मिलाने का प्रयोग असफल, अब आइसोब्यूटेनॉल पर चल रहा टेस्ट
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यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ऑटो कंपनियां पुराने वाहनों की कंपैटिबिलिटी को लेकर सवाल उठा रही थीं। अब आधिकारिक तौर पर यही कहा जा रहा है कि E20 से इंजन को नुकसान नहीं होगा, लेकिन परफॉर्मेंस पहले जैसा नहीं रहेगा।
सरकार का रुख
केंद्र सरकार E20 फ्यूल को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार इससे कच्चे तेल के आयात में कमी लाना चाहती है। इसके साथ ही सरकार गन्ना किसानों को सीधा फायदा और कार्बन उत्सर्जन में कटौती का भी लक्ष्य लेकर चल रही है।। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना को "राजनीतिक अभियान" बताते हुए खारिज कर दिया है।
यह भी पढ़ें: FADA: अगस्त में 2.84% बढ़ी वाहनों की रिटेल बिक्री, जीएसटी सुधारों के इंतजार में लोगों ने टाली खरीदारी
हालांकि, ग्राहकों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। सरकार का कहना है कि पुराने वाहनों में बस कुछ गास्केट या रबर पार्ट्स बदलने की जरूरत होगी, जिसे वह सरल प्रक्रिया मानती है। लेकिन वाहन मालिकों के लिए यह खर्च एक और बोझ जैसा लग सकता है।
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E20 फ्यूल इस्तेमाल सुरक्षित
इसी बीच, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने ग्राहकों की चिंताओं को लेकर अपना पक्ष रखा है। कंपनी के ऑटोमोटिव डिविजन के हेड नलिनीकांत गल्लगुंटा ने साफ कहा है कि E20 फ्यूल इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इससे माइलेज कम हो सकता है और एक्सेलेरेशन थोड़ा कमजोर महसूस होगा। महिंद्रा अगले हफ्ते अपने ग्राहकों के लिए एक डिटेल्ड एडवाइजरी जारी करने जा रही है, जिससे लोगों को सही गाइडेंस मिल सके।
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यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ऑटो कंपनियां पुराने वाहनों की कंपैटिबिलिटी को लेकर सवाल उठा रही थीं। अब आधिकारिक तौर पर यही कहा जा रहा है कि E20 से इंजन को नुकसान नहीं होगा, लेकिन परफॉर्मेंस पहले जैसा नहीं रहेगा।
सरकार का रुख
केंद्र सरकार E20 फ्यूल को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार इससे कच्चे तेल के आयात में कमी लाना चाहती है। इसके साथ ही सरकार गन्ना किसानों को सीधा फायदा और कार्बन उत्सर्जन में कटौती का भी लक्ष्य लेकर चल रही है।। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना को "राजनीतिक अभियान" बताते हुए खारिज कर दिया है।
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हालांकि, ग्राहकों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। सरकार का कहना है कि पुराने वाहनों में बस कुछ गास्केट या रबर पार्ट्स बदलने की जरूरत होगी, जिसे वह सरल प्रक्रिया मानती है। लेकिन वाहन मालिकों के लिए यह खर्च एक और बोझ जैसा लग सकता है।