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Truck Body Code: ढीला सामान ले जाने वाले ट्रकों पर हार्ड टॉप अनिवार्य, सरकार लाएगी नया नियम
Sat, 24 Jan 2026 09:52 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 24 Jan 2026 09:52 PM IST
सार
मिट्टी, कंस्ट्रक्शन मटीरियल और म्युनिसिपल कचरे जैसी खुली चीजों के खतरे से निपटने के लिए, जो अक्सर बिना ढके या तिरपाल से ढके ट्रकों से गिर जाती हैं, सरकार जल्द ही इन गाड़ियों के लिए "मैकेनाइज्ड कवरिंग" को जरूरी बनाने वाली है।
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ट्रक
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सड़क सुरक्षा और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मिट्टी, निर्माण सामग्री और नगर निगम के कचरे जैसे ढीले सामान ले जाने वाले ट्रकों के लिए अब मैकेनाइज्ड कवरिंग (हार्ड टॉप) अनिवार्य की जाएगी। इसका मतलब है कि खुले या केवल तिरपाल से ढंके ट्रकों की जगह मशीन से नियंत्रित कवर सिस्टम लगाना जरूरी होगा, ताकि चलते ट्रक से सामान गिरने की घटनाओं पर रोक लग सके।
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ट्रक बॉडी कोड में होगा बड़ा बदलाव
यह नया प्रावधान संशोधित ट्रक बॉडी कोड का हिस्सा होगा, जिसे जल्द अधिसूचित किया जाना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क परिवहन मंत्रालय के तहत गठित एक समिति, जिसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी शामिल हैं, ने इन बदलावों को मंजूरी दे दी है। सरकार जहां इसे अगले एक साल में लागू करना चाहती है, वहीं ट्रक निर्माण उद्योग ने इसके लिए दो साल का समय मांगा है।
यह भी पढ़ें - Tata Xpres Vs Maruti Dzire Tour S: फ्लीट सेडान सेगमेंट में आमने-सामने, टाटा एक्सप्रेस बनाम मारुति डिजायर टूर एस
यह नया प्रावधान संशोधित ट्रक बॉडी कोड का हिस्सा होगा, जिसे जल्द अधिसूचित किया जाना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क परिवहन मंत्रालय के तहत गठित एक समिति, जिसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी शामिल हैं, ने इन बदलावों को मंजूरी दे दी है। सरकार जहां इसे अगले एक साल में लागू करना चाहती है, वहीं ट्रक निर्माण उद्योग ने इसके लिए दो साल का समय मांगा है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, फिर भी नहीं हुआ पालन
ढीला और बाहर निकला हुआ सामान ढोने वाले ट्रकों को सही तरीके से ढकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट कई बार निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद, कमजोर प्रवर्तन के कारण इन आदेशों का व्यापक स्तर पर पालन नहीं हो सका। नतीजतन, सड़क हादसों, जाम और प्रदूषण की समस्याएं बनी रहीं।
ढीला और बाहर निकला हुआ सामान ढोने वाले ट्रकों को सही तरीके से ढकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट कई बार निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद, कमजोर प्रवर्तन के कारण इन आदेशों का व्यापक स्तर पर पालन नहीं हो सका। नतीजतन, सड़क हादसों, जाम और प्रदूषण की समस्याएं बनी रहीं।
AIS-093 के तहत तय हुए नए सुरक्षा मानक
अधिकारियों के मुताबिक, ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS)-093 को प्रकाशित कर दिया गया है, जो ट्रक बॉडी कोड से संबंधित है। इसमें:
यह मानक ट्रक बॉडी के लिए न्यूनतम सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती, आयामों की एकरूपता और रोडवर्थीनेस सुनिश्चित करता है।
यह भी पढ़ें - Traffic Challan: जानें अब घर बैठे ट्रैफिक चालान को कैसे दे सकते हैं चुनौती, अनदेखी पर लाइसेंस, आरसी पर खतरा
अधिकारियों के मुताबिक, ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS)-093 को प्रकाशित कर दिया गया है, जो ट्रक बॉडी कोड से संबंधित है। इसमें:
- असुरक्षित बॉडी बिल्डिंग प्रैक्टिस
- संरचनात्मक कमजोरी
- ओवरलोडिंग
- वाहन की अस्थिरता
- और गैर-मानक आकार
यह मानक ट्रक बॉडी के लिए न्यूनतम सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती, आयामों की एकरूपता और रोडवर्थीनेस सुनिश्चित करता है।
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नए कोड में और क्या होगा अनिवार्य?
संशोधित ट्रक बॉडी कोड में सिर्फ हार्ड टॉप ही नहीं, बल्कि कई और अहम सुरक्षा फीचर्स भी शामिल किए जाएंगे, जैसे:
सरकार का मानना है कि मैकेनाइज्ड कवरिंग और नए सुरक्षा मानकों से न सिर्फ सड़क हादसे कम होंगे, बल्कि उड़ती धूल, गिरे हुए मलबे और कचरे से होने वाला प्रदूषण और ट्रैफिक जाम भी घटेगा। आने वाले समय में यह नियम ट्रक परिवहन को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें - New Traffic Challan Scam: मिनटों में उड़ गए ₹2.49 लाख, चालान के नाम पर ठगी का नया तरीका, वाहन चालकों के लिए चेतावनी
संशोधित ट्रक बॉडी कोड में सिर्फ हार्ड टॉप ही नहीं, बल्कि कई और अहम सुरक्षा फीचर्स भी शामिल किए जाएंगे, जैसे:
- एसी ड्राइवर केबिन
- सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS)
- अंडर-रन प्रोटेक्शन डिवाइस के लिए अपडेटेड प्रावधान
- हादसों और प्रदूषण पर लगेगी लगाम
सरकार का मानना है कि मैकेनाइज्ड कवरिंग और नए सुरक्षा मानकों से न सिर्फ सड़क हादसे कम होंगे, बल्कि उड़ती धूल, गिरे हुए मलबे और कचरे से होने वाला प्रदूषण और ट्रैफिक जाम भी घटेगा। आने वाले समय में यह नियम ट्रक परिवहन को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
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