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Traffic Rules: स्पीड रडार और ब्रेथ एनालाइजर के लिए अनिवार्य मानदंड अधिसूचित करेगी सरकार
Tue, 28 May 2024 05:35 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 28 May 2024 05:35 PM IST
सार
वाहन चालकों द्वारा स्पीड लिमिट उल्लंघन और शराब पीकर गाड़ी चलाने के चालानों को चुनौती देने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसके समाधान के लिए सरकार जल्द ही माइक्रोवेव डॉपलर रडार उपकरणों और ब्रेथ एनालाइजर के वेरिफिकेशन और कैलिबरेशन को अनिवार्य करने वाले मानदंडों को अधिसूचित करेगी।
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- फोटो : PTI
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विस्तार
वाहन चालकों द्वारा गति सीमा (स्पीड लिमिट) उल्लंघन और शराब पीकर गाड़ी चलाने के चालानों को चुनौती देने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसके समाधान के लिए सरकार जल्द ही माइक्रोवेव डॉपलर रडार उपकरणों और ब्रेथ एनालाइजर के वेरिफिकेशन और कैलिबरेशन को अनिवार्य करने वाले मानदंडों को अधिसूचित करेगी। इन उपकरणों का इस्तेमाल वाहन की रफ्तार और शराब का पता लगाने के लिए किया जाता है।
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उपभोक्ता मामलों के विभाग के विधिक मेट्रोलॉजी विभाग (लीगल मेट्रोलॉजी विंग) ने स्पीड गन के लिए मसौदा नियम जारी किए हैं। और जल्द ही ब्रेथ एनालाइजर के प्रस्तावित मानदंडों को भी जारी करेगा। ब्रेथ एनालाइजर कैलिबरेशन उपकरण के सेंसर की जांच और एडजस्टमेंट करने की प्रक्रिया है। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह सटीक रीडिंग प्रदर्शित करता है। कुछ साल पहले दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट फॉर रोड ट्रैफिक एजुकेशन द्वारा किए गए एक रैंडम स्टडी में पाया गया था कि 40 में से 30 ब्रेथ एनालाइजर के नमूने खराब पाए गए थे।
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मसौदा मानदंड के अनुसार, "वाहन की रफ्तार मापने के लिए रडार उपकरण" के लिए अंतिम अधिसूचना के बाद स्थापित किए जाने वाले ऐसे सभी उपकरणों का सत्यापन और मुहर एक वर्ष के भीतर किया जाएगा। जो रडार उपकरण पहले से ही स्थापित हैं, उनका वेरिफिकेशन और मुहर तब किया जाएगा जब उनका री-वेरिफिकेशन जरूरी हो जाएगा।
मसौदा नियम में कहा गया है कि "जब माप के परिणामों का उपयोग कानूनी कार्यवाही में किया जाना है तो रडार को नियमों में निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।" यह यह भी निर्दिष्ट करता है कि यदि कोई रडार माप के परिणामों को रिकॉर्ड करता है, तो यह माप की तारीख और समय, मापी गई गति और वाहन की यात्रा की दिशा को इंगित करेगा।
सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए, सड़क यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार नियम लागू हो जाने के बाद, यह ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए गलत चालान के खिलाफ शिकायतों की संख्या को कम कर देगा। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि सरकार ने संशोधित मोटर वाहन कानून में रफ्तार सीमा और शराब पीकर गाड़ी चलाने के मानदंडों के उल्लंघन के लिए जुर्माना राशि कई गुना बढ़ा दी है।