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कचरे से बने ईंधन पर दौड़ेंगी दिल्ली की बसें: नितिन गडकरी ने कहा- हाइड्रोजन ही भविष्य

Tue, 07 Jul 2026 05:28 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Tue, 07 Jul 2026 05:28 PM IST
सार

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भविष्य की स्वच्छ ईंधन व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें नगर निगम के अलग किए गए कचरे से तैयार हाइड्रोजन पर चल सकती हैं।

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Delhi Buses to Run on Hydrogen Made from Garbage: Nitin Gadkari’s Mega Clean Energy Claim
Nitin Gadkari - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने क्रांतिकारी और लीक से हटकर किए जाने वाले दावों और कोशिशों के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में दिल्ली भाजपा द्वारा आयोजित एक यूथ कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने एक और बेहद अनोखा विजन देश के सामने रखा है। गडकरी का दावा है कि आने वाले समय में देश की राजधानी दिल्ली की बसें नगर निगम के कचरे से तैयार होने वाली हाइड्रोजन गैस पर दौड़ेंगी। आइए विस्तार से समझते हैं कि परिवहन और ईंधन के भविष्य को लेकर केंद्रीय मंत्री का क्या रोडमैप है: 

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Delhi Buses to Run on Hydrogen Made from Garbage: Nitin Gadkari’s Mega Clean Energy Claim
Nitin Gadkari - फोटो : PTI/Amar Ujala

दिल्ली की बसों को कचरे से बनी हाइड्रोजन पर चलाने का क्या है पूरा प्लान?

नितिन गडकरी ने एक ऐसे भविष्य की कल्पना साझा की जहां वाहन चलने के लिए पानी का उपयोग करके हाइड्रोजन पैदा करेंगे। जब लोगों ने इस पर सवाल उठाए, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा:

"लोगों ने मुझसे पूछा कि यह कैसे होगा? क्या पिछले 50 वर्षों में कभी ऐसा समय आया है जब मेरे द्वारा की गई कोई भविष्यवाणी सच न हुई हो?"

इस विजन को पूरा करने के लिए जिन मुख्य बिंदुओं पर काम चल रहा है, उनकी पूरी व्याख्या नीचे दी गई है:

  • कचरे का वर्गीकरण और बायोडीजलेस्टर्स का इस्तेमाल:
    इस योजना के तहत दिल्ली के लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) से निकलने वाले नगरपालिका के कचरे को पहले अलग-अलग (वर्गों में) छांटा जाएगा। इसके बाद इस कचरे का उपयोग बायोडीजलेस्टर्स के जरिए हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए किया जाएगा। इसी कचरे से बनी हाइड्रोजन से दिल्ली की बसें चलाई जाएंगी।

  • एक्सप्रेसवे निर्माण में कूड़े का इस्तेमाल:
    केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली के लैंडफिल साइट्स से लगभग 80 लाख टन कचरे का उपयोग पहले ही एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए किया जा चुका है।

  • 2027 तक देश को कचरा मुक्त करने का लक्ष्य:
    नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि साल 2027 तक पूरे देश से कचरे को पूरी तरह से समाप्त करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

  • अपशिष्ट प्रबंधन से मोटी कमाई:
    कचरा प्रबंधन के आर्थिक फायदों को रेखांकित करते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र (नागपुर) का नगर निगम ट्रीटेड वेस्टवाटर (साफ किए गए गंदे पानी) को बेचकर सालाना करीब 325 करोड़ रुपये की कमाई कर रहा है। 

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Delhi Buses to Run on Hydrogen Made from Garbage: Nitin Gadkari’s Mega Clean Energy Claim
Petrol Pump - फोटो : Adobe stock

डीजल का विकल्प बनने जा रहे 'आइसोब्यूटेनॉल' को लेकर क्या तैयारी है?

पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E20) की सफल शुरुआत के बाद, सरकार अब डीजल गाड़ियों के लिए भी एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में विश्व पर्यावरण दिवस पर मारुति सुजुकी की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार के लॉन्च के दौरान गडकरी ने इस पर विस्तार से बात की:

  • डीजल में सीधे इथेनॉल न मिलने की चुनौती:
    गडकरी ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल को सीधे डीजल में मिक्स नहीं किया जा सकता है। यही वजह है कि सरकार अब इथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल (Isobutanol) विकसित कर रही है। जो डीजल का एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है।

  • 15% मिश्रण और टेस्टिंग की शुरुआत:
    सरकार डीजल में 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की अनुमति देने पर काम कर रही है। कंस्ट्रक्शन (निर्माण कार्य) और कृषि से जुड़े उपकरणों व वाहनों के लिए इसकी टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है।

  • सफल पायलट प्रोजेक्ट:
    इंजीनियरों ने एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत दो जनरेटर सेटों को 100 प्रतिशत इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल पर सफलतापूर्वक चलाकर दिखाया है। इससे यह साबित होता है कि इन वैकल्पिक ईंधनों पर चलने वाले इंजन आसानी से विकसित किए जा सकते हैं।

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Delhi Buses to Run on Hydrogen Made from Garbage: Nitin Gadkari’s Mega Clean Energy Claim
Petrol Pump - फोटो : AdobeStock

डीजल में आइसोब्यूटेनॉल मिलाने का नियम कब तक लागू हो सकता है?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सचिव वी. उमाशंकर ने सीआईआई (CII) मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स समिट में इस आगामी नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण समयसीमा साझा की है:

  • 2026 के अंत तक आदेश की उम्मीद:
    सचिव के अनुसार, साल 2026 के अंत से पहले डीजल के साथ आइसोब्यूटेनॉल को मिलाने (ब्लेंडिंग) का अनिवार्य आदेश जारी होने की पूरी संभावना है।

  • उत्साहजनक परिणाम:
    बीपीसीएल (BPCL) के रिसर्च विंग द्वारा किए गए शोध में इसके परिणाम "बेहद उत्साहजनक" रहे हैं। फिलहाल यह प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है, और इसके औपचारिक रोलआउट से पहले सभी जरूरी तकनीकी मूल्यांकनों और नियामक प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।
     

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