{"_id":"685d391b8b25c082bb01c6c9","slug":"cargo-ship-morning-midas-sinks-alaska-3000-cars-ev-fire-destroyed-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"EV Fire: इलेक्ट्रिक कारों में आग लगने से समंदर में डूबा पूरा जहाज, 3000 गाड़ियां हुईं जलमग्न","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
EV Fire: इलेक्ट्रिक कारों में आग लगने से समंदर में डूबा पूरा जहाज, 3000 गाड़ियां हुईं जलमग्न
Thu, 26 Jun 2025 07:43 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 26 Jun 2025 07:43 PM IST
सार
Electric Vehicle Fire Sinks Ship: अलास्का के पास एक कार्गो जहाज में लगी आग ने पूरे जहाज को समंदर में डुबो दिया। ‘मॉर्निंग मिडास’ नाम का यह जहाज करीब 3,000 गाड़ियां मैक्सिको ले जा रहा था, जिसमें से 800 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स थीं।
विज्ञापन
कार्गो शिप (प्रतिकात्मक तस्वीर)
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलास्का के पास एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ है, जिसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लगी आग ने एक पूरे कार्गो जहाज को समंदर में डुबो दिया। यह हादसा ‘मॉर्निंग मिडास’ नाम के जहाज पर हुआ, जो लगभग 3,000 गाड़ियों को चीन से मैक्सिको ले जा रहा था। इस जहाज में करीब 800 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भी थीं।
ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा 3 जून को हुआ जब जहाज अलास्का के दक्षिण-पश्चिम में 300 मील (करीब 490 किलोमीटर) की दूरी पर था। जहाज के डेक से धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। भारी मौसम और पानी के अंदर घुसने से स्थिति और बिगड़ गई और आखिरकार 23 जून को यह जहाज डूब गया।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डेक में लगी आग
जहाज की मैनेजमेंट कंपनी ज़ोडियक मरीटाइम ने बताया कि सबसे पहले धुआं उस डेक से निकला जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियां रखी गई थीं। आग इतनी भीषण थी कि जहाज पर मौजूद क्रू को बचाव नौका के जरिए निकालना पड़ा। राहत की बात यह रही कि सभी 22 क्रू सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: कारों में फिर से आने लगे 'मौत के दर्शन' करवाने वाले 'सुसाइड डोर', स्टेटस के चलते जान से रिस्क?
चीन से मैक्सिको जा रहा था जहाज
'मॉर्निंग मिडास' जहाज 600 फीट (183 मीटर) लंबा था और 2006 में बना था और 26 मई को चीन के यानताई से रवाना हुआ था। इसका गंतव्य मैक्सिको का एक बड़ा बंदरगाह था।
अब यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज डूबने से पहले कारों को उतारा गया था या नहीं, लेकिन इस हादसे ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा 3 जून को हुआ जब जहाज अलास्का के दक्षिण-पश्चिम में 300 मील (करीब 490 किलोमीटर) की दूरी पर था। जहाज के डेक से धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। भारी मौसम और पानी के अंदर घुसने से स्थिति और बिगड़ गई और आखिरकार 23 जून को यह जहाज डूब गया।
विज्ञापन
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डेक में लगी आग
जहाज की मैनेजमेंट कंपनी ज़ोडियक मरीटाइम ने बताया कि सबसे पहले धुआं उस डेक से निकला जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियां रखी गई थीं। आग इतनी भीषण थी कि जहाज पर मौजूद क्रू को बचाव नौका के जरिए निकालना पड़ा। राहत की बात यह रही कि सभी 22 क्रू सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: कारों में फिर से आने लगे 'मौत के दर्शन' करवाने वाले 'सुसाइड डोर', स्टेटस के चलते जान से रिस्क?
चीन से मैक्सिको जा रहा था जहाज
'मॉर्निंग मिडास' जहाज 600 फीट (183 मीटर) लंबा था और 2006 में बना था और 26 मई को चीन के यानताई से रवाना हुआ था। इसका गंतव्य मैक्सिको का एक बड़ा बंदरगाह था।
अब यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज डूबने से पहले कारों को उतारा गया था या नहीं, लेकिन इस हादसे ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।