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New Mercedes E Class 2017: लंबे व्हीलबेस के सहारे नई पहचान
अमित द्विवेदी, अमर उजाला, गोवा
Updated Tue, 28 Feb 2017 06:30 AM IST
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मर्सिडीज बेंज की नई ई क्लास में एस क्लास की झलक साफ नजर आती है।
- फोटो : Amit Dwivedi
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1999 से भारत में जब मर्सिडीज ने अपना कारोबार शुरू किया तब से लेकर अब तक कंपनी ने एक लाख से अधिक गाड़ियों की बिक्री की और इसमें से मर्सिडीज ई क्लास की संख्या 34000 है। नोटबंदी के ठीक बाद कंपनी ने अपना बेहतर भविष्य तलाशते हुए नई ई क्लास को बाजार में लाने का फैसला किया है। यह नई ई क्लास मौजूदा ई क्लास से थोड़ी अलग है। भले ही देखने में आपको तुरंत फर्क समझ में न आए लेकिन जैसे आप इसमें बैठेंगे इसकी दिलचस्प कहानी आपको अपना दीवाना बना लेगी। हमने इस कार को गोवा में चलाया और जानने की कोशिश की कि इसमें क्या खास है। इसकी लॉन्चिंग 28 फरवरी को मुंबई में होगी।
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पहली नजर में
यह खूबसूरत दिखती है इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन यह एकदम नई नहीं लगती।
- फोटो : Amit Dwivedi
नई ई क्लास को देखकर मैं इसलिए नहीं चौंका क्योंकि इसमें मुझे कुछ नयापन नजर नहीं आया। लेकिन जब मैंने साइड से लंबे व्हीलबेस को देखा व समझा तो एक चीज स्पष्ट हो चुकी थी कि यह अंदर से कुछ खास है। लेकिन सड़क पर चलती इस कार में गोवा के लोगों को कुछ नयापन नजर नहीं आ रहा था। आमतौर पर सड़क से गुजरने वाली मर्सिडीज की तरह लोग इसे भी ट्रीट कर रहे थे। यह मौजूदा सी व एस क्लास से काफी मिलती जुलती है। इसकी डिजाइन भाषा ऐसे लगता है जैसे मर्सिडीज ने पूरी तरह से नई ई क्लास में उतार दी है। यह पांचवी पीढ़ी की ई क्लास है जिसे राइट हैंड ड्राइव में भारत के हिसाब से तैयार किया गया है। इसके एलईडी हेडलैंप में थोड़ा सा बदलाव दिखता है और डीआरएल लेआऊट भी थोड़ा हटकर है। अपने लंबे व्हीलबेस के सहारे अब यह 5 मीटर से भी अधिक लंबी कार बन गई है। इसका व्हीलबेस अब 3079 मिलीमीटर का है जो कि मौजूदा ई क्लास से 205 मिलीमीटर ज्यादा है। लेकिन इसके अलावा इसमें एस क्लास की ढेर सारी समानताएं दिखती हैं।
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बात केबिन की
इसका डैशबोर्ड पूरे केबिन के साथ मेल खाता है।
- फोटो : Amit Dwivedi
इस गाड़ी को खरीदकर मैं कभी इसे चलाना पसंद नहीं करूंगा बल्कि इसके बैक सीट पर आराम से बैठूंगा और पूरी लग्जरी का आनंद उठाऊंगा। लंबे व्हीलबेस के कारण अब इसके केबिन में इतनी जगह है कि 6 फीट चार इंच का आदमी भी आराम से इसमें पैर फैलाकर बैठ सकता है। मर्सिडीज भी जहां इस कार को टार्गेट कर रही है वह क्लास शायद यही चाहता भी था। पीछे की सीट पर बैठकर मुझे अपने कंफर्ट के हिसाब से चीजें कंट्रोल करने का अधिकार भी मिल गया है। मैं बाईं ओर बैठकर सीट पर लगे कंट्रोल के सहारे आगे के पैसेंजर की सीट बिना उससे पूछे आगे पीछे कर सकता था ये चीज मुझे अच्छी लगी। यात्री सीट पर बैठकर कई जरूरी कंट्रोल अगर पीछे वाले पैसेंजर के हाथ में रहें तो वह अपना आराम अपने हिसाब से अडजस्ट कर सकता है। यह एक शानदार कार है जिसमें बैठकर 200-300 नहीं बल्कि हजार किलोमीटर की यात्रा भी आराम से की जा सकती है।
तालमेल बिठाना है जरूरी
ये कार ऑफरोडिंग के लिए नहीं बनी है। इस बात का सबको ध्यान रखना होगा।
- फोटो : Amit Dwivedi
नेवीगेशन का फंक्शन अच्छा है अगर आप इसे ऑपरेट करना सीख गए तो। अभी मर्सिडीज टच पैड के अलावा पूरी तरह से टच के जमाने को फॉलो नहीं कर रही है। ऐसा क्यूं है मर्सिडीज ही जानती होगी। लेकिन इसके डैशबोर्ड पर लगा डिस्प्ले देखकर आप भी इसे छूकर संचालित करने की कोशिश जरूर करेंगे और बाद में आपको पता चलेगा ये टच नहीं है। इसका पैनोरोमिक सनरूफ बेहद बड़ा है और ये इस बड़ी कार में जान भी फूंकता है। बात करें उस क्लास की, जिसे मर्क टार्गेट कर रही है, तो इसमें कोई दो राय नहीं है कि उसने अपना काम बखूबी कर दिया है और एग्जीक्यूटिव क्लास के लोगों की पहली पसंद बनने की काबिलियत भी इसमें है। यह सबकुछ इसलिए संभव होगा क्योंकि इसकी रियर सीट का कंफर्ट कहीं और नहीं मिलेगा। इसमें 540 लीटर का बूट स्पेस है लेकिन प्राब्लम यहां पर ये है कि यह बहुत ज्यादा गहरा नहीं है। इसमें रखा हुआ स्पेस सेवर टायर और जगह खा जाता है, इसके बावजूद आप इसमें काफी सामान रख सकते हैं।
इंजिन और परफॉर्मेंस
3.0 लीटर वी 4 टर्बो डीजल इंजिन 259 पीएस की शक्ति व 620 एनएम का ढेर सारा टॉर्क प्रदान करता है।
- फोटो : Amit Dwivedi
नई ई क्लास को दो इंजिन विकल्पों के साथ पेश किया जाएगा जिसमें 2.0 लीटर टर्बो पेट्रोल और 3.0 लीटर वी 4 टर्बो डीजल इंजिन है। मैं जो कार चला रहा था वह एस 350 डी था जो कि 259 पीएस की शक्ति व 620 एनएम का ढेर सारा टॉर्क प्रदान करता है। मर्क दावा कर रही है कि यह 6.2 सेकंड में 100 किमीप्रघं की गति पकड़ लेती है। इसमें दिया गया 9 स्पीड ऑटोमेटिक काफी सहज है और मक्खन जैसी शिफ्टिंग देता है। यह 250 किमीप्रघं की उच्च गति तक दौड़ सकती है हालांकि गोवा की संकरी सड़कों पर इसे टेस्ट करना नामुमकिन था। पर जो शक्ति महसूस हो रही थी उससे लगता है कि यह काम ये कार आसानी से कर सकती है। इसमें आपके सेलेक्ट करने के लि ईको, कंफर्ट, स्पोर्ट, स्पोर्ट प्लस व इंडीविजुअल मोड दिए गए हैं जिसमें से आप अपनी ड्राइव चुन सकते हैं। खराब रास्ते इसे एकदम पसंद नहीं हैं व्हीलबेस लंबा होने के कारण बड़े स्पीड ब्रेकर इसको छूते रहते हैं। इसलिए अगर आप इसे चलाकर कहीं ले जाने की सोचें तो पहली शर्त ये होगी कि रास्ते अच्छे होने चाहिए। दिल्ली-मुंबई-कोलकाता या फिर किसी भी महानगर में रहने वाले उन लोगों के लिए यह कार वरदान साबित होगी जो किसी कंपनी में एमडी हैं या फिर अपना सफल कारोबार चला रहे हैं।
तकनीकि विवरण
अब इसका व्हीलबेस 3079 मिलीमीटर का है जो कि मौजूदा ई क्लास से 205 मिलीमीटर ज्यादा है।
- फोटो : Amit Dwivedi
ईंधन पेट्रोल व डीजल
टाइप 1991 सीसी, फोर सिलेंडर व 2987 सीसी, वी6
शक्ति 184एचपी 5500 आरपीएम 258 एचपी 3400 आरपीएम
टॉर्क 300 एनएम 1200-4000 आरपीएम, 620 एनएम 1600-2400 आरपीएम
गियरबॉक्स 9 स्पीड ऑटोमेटिक
लंबाई 5065 मिलीमीटर
चौड़ाई 2065 मिलीमीटर
ऊंचाई 1467 मिलीमीटर
व्हीलबेस 3079 मिलीमीटर
टाइप 1991 सीसी, फोर सिलेंडर व 2987 सीसी, वी6
शक्ति 184एचपी 5500 आरपीएम 258 एचपी 3400 आरपीएम
टॉर्क 300 एनएम 1200-4000 आरपीएम, 620 एनएम 1600-2400 आरपीएम
गियरबॉक्स 9 स्पीड ऑटोमेटिक
लंबाई 5065 मिलीमीटर
चौड़ाई 2065 मिलीमीटर
ऊंचाई 1467 मिलीमीटर
व्हीलबेस 3079 मिलीमीटर