जल्द आ रही है घास-फूस वाली कार, घटेगा प्रदूषण
गाड़ियों का इस्तेमाल प्रदूषण को बढ़ावा देता है। लेकिन इस तस्वीर से आपको अंदाजा लग गया होगा कि कार बनाने वाले इस परेशानी का हल तलाशने में जुटे हुए हैं।
ये स्मार्ट फोरटू कार है। इसमें पांच वर्ग मीटर के क्षेत्र में घास-फूस जमा हुआ है, जो असल में सीडम घास है।
कार निर्माताओं ने उसी सीडम घास का इस्तेमाल किया है जिसे अमरीका की फोर्ड कंपनी ने कुछ ऐसा ही प्रयोग करते समय अपनी डियरबॉर्न ट्रक की छत पर लगाया था। स्मार्ट फोरटू कार दरअसल मूवल लैब की 'ग्रीन स्कीन' प्रोजेक्ट का हिस्सा है। मूवल ने दावा किया है कि सड़कों पर ऐसी कारों के चलने से प्रदूषण घटेगा और पर्यावरण का स्तर सुधरेगा।
स्टटगार्ट में पहली बार
इसे जर्मनी के स्टटगार्ट में पहली बार इसी महीने सड़क पर उतारा जाएगा। और अगले चार सप्ताह तक इसका पायलट प्रोजेक्ट चलेगा। कंपनी का अनुमान है कि हर साल ऐसी कार 7 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड गैस को साफ करेगी। हालांकि इतने ही समय में एक पेड़ 2.6 टन कार्बन डाइऑक्साइड को साफ़ करता है।
बीबीसी ऑटोस का मानना है कि इससे कार्बन फूटप्रिंट पर निगेटिव असर पड़ सकता है। हालाँकि हर इलेक्ट्रिक कार के साथ एक पौधा गिफ्ट देने से भी ऐसा हो सकता है। मूवल लैब, मूवल का हिस्सा है जो डायमलर की सब्सिडियरी कंपनी है। यानी फोरटू कार मर्सिडीज़ बैंज बनाने वाली कंपनी की ही कार है।
वैसे ऑटो सेक्टर के इंजीनियरों में ग्रीन सोल्यूशन को लेकर जागरुकता बढ़ी है। फोर्ड ने गीको के साथ मिलकर इस दिशा में काम करना शुरू किया।
युवा आविष्कारक परम जग्गी ने एक एक्जास्ट पाइप अलग से बनाई है जिसमें खासे एलगी हैं और जो कार के चलने के दौरान निकलने वाली कार्बन डाइक्साइड को खत्म करते हैं।