क्या कभी लॉन्च भी होगी उड़ने वाली कार? पढ़िए सच्चाई
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1950 के दशक से ही वैज्ञानिकों ने हवा में उड़ने वाली कार की कल्पना शुरू कर दी थी। लेकिन इस दिशा में की गई कोशिशें अब तक नाकाम ही रही हैं।
बेहतरीन कान्सेप्ट और कार के साथ साथ प्लेन के वर्किंग मॉडल के बावजूद इसे हवा में उड़ाने के प्रयोग हमेशा निराश करने वाले रहे।
लेकिन जल्दी ही ये निराशा दूर होने वाली है। बॉस्टन की एक कंपनी की टेराफूगिया टीएफ-एक्स को हवा में उड़ने वाले कार के कामयाब मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल इसका उत्पादन शुरू नहीं हुआ है लेकिन इसे भविष्य के परिवहन के तौर पर देखा जा रहा है जो आपको सड़क और रनवे के ट्रैफिक से बिलकुल मुक्त कर सकता है।
कैसे उड़ेगी कार?
टीएफ-एक्स कार में चार लोग एकसाथ बैठ सकते हैं और यह हेलिकॉप्टर की तरह वर्टिकल टेक ऑफ़ कर सकती है। इसे टेक ऑफ़ करने के लिए किसी रनवे की जरूरत नहीं होगी।
इसके पंख मुड़ जाते हैं, इसे छोटे से गैराज में पार्क करना संभव होगा। निजी विमान की तरह इसे रखने के लिए आपको एयरपोर्ट पर हैंगर किराय पर नहीं लेना होगा।
कान्सेप्ट के मुताबिक कार हाइब्रिड है। इसमें एक जोड़ा इलेक्ट्रिक मोटर्स है जो 300 बीचएपी पेट्रोल इंजन के साथ जुड़कर एक मेगावाट की आउटपुट उत्पन्न कर सकता है।
दरअसल हवा में उड़ने के लिए जरूरी 'एरियल थ्रस्ट' इसे एक नली से लगे मुड़ने वाले पंखों से मिलता है और हर पंख के नीचे प्रोपेलर लगा होता है।
अभी यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता है कि टीएफ-एक्स सड़क पर किस रफ़्तार से चलेगी, लेकिन हवा में इसकी गति 200 मील प्रति घंटे होगी और यह एक बार में 500 मील की दूरी तय कर लेगी।
8-12 साल में बनेगी
इस रफ़्तार से देखें तो लंदन से जिनेवा की दूरी तीन घंटे में पूरी की जा सकती है। दिल्ली से लखनऊ दो घंटे से भी कम समय में पहुंच सकते हैं, जबकि लगभघ एक घंटे से आप दिल्ली से जयपुर पहुंच सकते हैं और आपको किसी ट्रैफ़िक जाम में भी फंसना नहीं होगा।
यानी यह भविष्य की कार और हवाई उड़ान दोनों की तस्वीर बदल कर रख देगा। हालांकि इस कार के तैयार होने में अभी भी कुछ बुनियादी समस्याएं हैं।
टेराफूगिया ने भरोसा जताया है कि हवा में उड़ने वाली कार का उत्पादन आठ से बारह साल के बीच में शुरू हो जाएगा।
ऐसे में जाहिर है कि ये कार वास्तिवक तौर पर अगले दशक के मध्य में सामने आ पाएगी। हालांकि उससे पहले इसका टेस्ट रन भी देखने को मिलेगा।
इस कार की कीमत क्या होगी, इस पर कंपनी ने कोई अनुमान सामने नहीं रखा है। लेकिन इसकी कीमत आजकल की महंगी लग्ज़री कारों जितनी ही होगी। यानी एक बुगाती वेयरन कार की कीमत में हवा में उड़ने वाली कार आ जाएगी।
कितनी सुरक्षित है कार?
इसकी सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों का पहलू भी अहम होगा। हवा में उड़ने वाली कार के पुराने अनुभव को देखते हुए ये दोनों पहलू बेहद अहम साबित होने वाले हैं।
टेराफूगिया का दावा है कि टीएफ-एक्स आज के आधुनिक ऑटोमोबाइल की तुलना में बेहद सुरक्षित होगी। इसे हवा में उड़ाने के लिए आपको महज पांच घंटे की ट्रेनिंग की ज़रूरत होगी।
वैसे टीएफ-एक्स कार की उड़ान ऑटो मोड में होगी लेकिन आप इस पर नियंत्रण कर सकते हैं जबकि इसकी लैंडिंग पूरी तरह से ऑटोमेटिक ही होगी।
किसी भी तरह की नाकामी की आशंका को देखते हुए, इमरजेंसी की स्थिति में, टीएफ-एक्स पूरी कार ही पैराशूट के ज़रिए सुरक्षित जमीं पर उतर जाएगी।
सैद्धांतिक तौर पर यह कार पूरी तरह से सुरक्षित दिखाई दे रही है, लेकिन हवा में उड़ने को लेकर कानूनी प्रावधानों की जरूरत होगी।
जिस तरह से हवा में निजी विमान को उड़ान भरने की इजाजत दी जाती है, उसी तरह से उड़ने वाली कारों के लिए भी व्यवस्था करनी होगी।
इसके साथ ही अगले आठ से बारह सालों के बीच दुनिया भर के देशों के कानून निर्माताओं को इस कार के लिए सर्वमान्य एयर रूट की व्यवस्था पर काम करना होगा।