{"_id":"29253889e6097ad2dbc90f56b96e1f6b","slug":"nissan-to-make-mini-vehicles-on-its-own","type":"story","status":"publish","title_hn":"निसान अपने दम पर कुछ अलग करने को तैयार","category":{"title":"Car Diary","title_hn":"कार डायरी","slug":"car-diary"}}
निसान अपने दम पर कुछ अलग करने को तैयार
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 14 Nov 2013 07:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार कंपनियों तेजी से कॉम्पेक्ट कार डिजाइन पर काफी ध्यान दे रही है। कई जानी-मानी बड़ी कार कंपनियां इस क्रम में आगे नजर आने वाली है।
निसान अगले साल की शुरुआत में खास श्रेणी की छोटी कारों का उत्पादन शुरू करेगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी नौकरियों और उत्पादन स्तर बनाए रखने के लिए यह कदम उठा रही है।
ऐसा पहली बार होगा जब निसान "केई" श्रेणी की कारों का उत्पादन शुरू करेगी। ऐसी कारों में 660 सीसी या इससे भी कम पॉवर का इंजन इस्तेमाल किया जाएगा।
लेकिन अब निसान ने रणनीति बदल दी है। कंपनी ने कहा है कि वह सुजुकी से केई वाहनों की खरीद बंद करेगी, जबकि मित्सुबिशी के साथ अपने कारोबार संबंधों को बनाए रखेगी।
विज्ञापन
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब रेनो-निसान और मित्सुबिशी ने घोषणा की कि वे आपस का रणनीति सहयोग बढ़ाएंगे। इस सहयोग के तहत वाहनों के उत्पादन के तौर-तरीकों, टेक्नोलॉजी और कारखानों की क्षमता साझा की जाएगी।
विज्ञापन
निसान अगले साल की शुरुआत में खास श्रेणी की छोटी कारों का उत्पादन शुरू करेगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी नौकरियों और उत्पादन स्तर बनाए रखने के लिए यह कदम उठा रही है।
ऐसा पहली बार होगा जब निसान "केई" श्रेणी की कारों का उत्पादन शुरू करेगी। ऐसी कारों में 660 सीसी या इससे भी कम पॉवर का इंजन इस्तेमाल किया जाएगा।
इस बाइक को देखकर भूले जाएंगे बाकी सब
हालांकि कंपनी के ऐसे मॉडल अभी भी बाजार में मौजूद हैं, लेकिन उन्हें सुजुकी और मित्सुबिशी बनाती है। ऐसी कारों का बिजनेस 2000 के दशक की शुरुआत से हो रहा है।
विज्ञापन
लेकिन अब निसान ने रणनीति बदल दी है। कंपनी ने कहा है कि वह सुजुकी से केई वाहनों की खरीद बंद करेगी, जबकि मित्सुबिशी के साथ अपने कारोबार संबंधों को बनाए रखेगी।
विज्ञापन
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब रेनो-निसान और मित्सुबिशी ने घोषणा की कि वे आपस का रणनीति सहयोग बढ़ाएंगे। इस सहयोग के तहत वाहनों के उत्पादन के तौर-तरीकों, टेक्नोलॉजी और कारखानों की क्षमता साझा की जाएगी।