बुलेटप्रूफ लैंड रोवर, ग्रेनेड का भी असर नहीं, जानिए खूबियां
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दुनिया भर में अमीर, प्रभावशाली और संपन्न लोग अपनी सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित रहते हैं। 21वीं शताब्दी में संपन्न लोगों के इस डर की वजह से दुनिया भर में बुलेट-प्रूफ गाड़ियों की मांग भी बढ़ रही है।
बुलेट-प्रूफ गाड़ी की यदि रफ्तार अच्छी हो और ये स्टाइल-डिज़ाइन में भी शानदार हो, तो उसका क्रेज़ कुछ ज़्यादा ही होता है।
लग्ज़री कारों में ऐसी कई गाड़ियां हैं जैसे मर्सिडीज की बेंज-एस क्लास गार्ड, बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज़ हाई सिक्यूरिटी और ऑडी की नई कार ए8-एल सिक्यूरिटी।
इन आलीशान कारों को देखकर तो ये लगता है कि इस काम के लिए सबसे उपयुक्त एक ऐसी एसयूवी ही होगी जो एक बख़्तरबंद गाड़ी की तरह हो - इस मकसद को रेंज रोवर की नई सेंटिनल काफ़ी हद तक पूरा करती है।
कंपनी के दावे मानें तो ये आधुनिक वाहन वीवीआईपी लोगों के लिए आदर्श वाहन साबित हो सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि सुरक्षा के वीआर-8 स्टैंडर्ड्स के मुताबिक इस पर एक-47 की गोलियों की बौछार और विस्फोटकों से भरे थैले के धमाके का कोई असर नहीं होता है।
35 इंच पानी, 33 पाउंड विस्फोटक बेअसर
रेंज रोवर ने पहली बार ऐसी एसयूवी बनाने की कोशिश की है। लैंड रोवर की इस कार का डिज़ाइन और निर्माण कंपनी ने ही किया है।
कोवेंट्री स्थित कंपनी के विशेष तकनीकी सेंटर में इसके डिज़ाइन को तैयार किया गया है। हर कार की असेंबली 'मैन्यली' मतलब कंपनी के कारीगर करते हैं।
ये कार वीआर8 स्टैंडर्ड पर प्रमाणित है यानी 33 पाउंड टीएनटी का विस्फोट झेल पाने वाली इस कार की बॉडी उच्च गुणवत्ता वाले स्टील से बनाई गई है।
इस कार का उपरी और निचला हिस्सा दोनों एक बार में दो डीएमएस-1 ग्रेनेड के विस्फोट को बेअसर साबित कर सकता है।
इसके शीशे 7.26 एमएम की गोलियों को झेलने के लिए पर्याप्त हैं। ड्राइविंग सीट के पास वाले दरवाजे को चालक महज 4 इंच तक नीचे खिसका सकता है।
अगर किसी कारण से कार के मुख्य दरवाजे लॉक हो जाएं तो पिछली सीट के पास लगे एक बटन को दबाने से कार से बाहर निकलने का नया तरीका मौजूद है।
इतना नहीं ये कार 35 इंच पानी में भी आसानी से चलाई जा सकती है। अगर कीमत की बात की जाए तो ये (4.5 लाख डॉलर) 2.7 करोड़ रुपए की है।
ये कार जल्द ही यूरोप, दक्षिण अमरीका, अफ़्रीका और मध्य पूर्व के देशों में उपलब्ध होगी, लेकिन एशिया में इसके लिए कुछ इंतज़ार करना होगा।
इसे पहली बार लोगों के सामने 15 सितंबर को लंदन के डिफेंस और सिक्यूरिटी एक्यूपमेंट इंटरनेशनल शो के दौरान पेश किया गया।